थालीपीठ भले ही महाराष्ट्र की पारंपरिक डिश हो, लेकिन आज यह पूरे देश में हेल्दी ब्रेकफास्ट और स्नैक के तौर पर पसंद की जा रही है। मल्टीग्रेन आटे, ताजी सब्जियों और हल्के मसालों से तैयार यह व्यंजन स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन संतुलन है। भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग हेल्दी लेकिन टेस्टी ऑप्शन ढूंढते हैं, तब थालीपीठ एक शानदार विकल्प बनकर सामने आता है।
यह डिश खासतौर पर इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि इसमें ज्वार, बाजरा और गेहूं जैसे अनाज शामिल होते हैं, जो फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और ऊर्जा भी देता है। सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की हल्की भूख तक, इसे कभी भी खाया जा सकता है।
थालीपीठ बनाने के लिए सामग्री
एक कप ज्वार का आटा
आधा कप बाजरे का आटा
आधा कप गेहूं का आटा
एक चौथाई कप बेसन
एक बारीक कटा प्याज
दो बारीक कटी हरी मिर्च
दो चम्मच कटा हरा धनिया
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच जीरा
स्वादानुसार नमक
आवश्यकतानुसार पानी
सेंकने के लिए थोड़ा सा तेल या घी
बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सभी आटे को अच्छी तरह मिला लें। इसमें प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर मिश्रण तैयार करें। अब धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए सख्त लेकिन मुलायम आटा गूंथ लें।
एक प्लास्टिक शीट या केले के पत्ते पर हल्का सा तेल लगाएं। आटे की लोई लेकर हाथ से थपथपाते हुए गोल आकार दें। बीच में छोटे-छोटे छेद बना दें ताकि पकाते समय तेल अंदर तक पहुंच सके और थालीपीठ अच्छे से सिके।
गरम तवे पर इसे सावधानी से रखें। किनारों पर थोड़ा तेल या घी डालें और मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें।
गरमा-गरम थालीपीठ को दही, मक्खन या हरी चटनी के साथ परोसें।
थालीपीठ का स्वाद हल्का मसालेदार और सुगंधित होता है। मल्टीग्रेन होने के कारण यह पाचन में सहायक है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है। स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखना हो तो यह डिश आपकी थाली में जरूर शामिल होनी चाहिए।