Claude Sonnet 4.6 लॉन्च के बाद IT शेयरों में बिकवाली, निफ्टी IT 2.5% टूटा

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दो दिन की मजबूती के बाद बुधवार को आईटी शेयरों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल टेक शेयरों में दबाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा की आशंकाओं ने बाजार का मूड बदल दिया।

अमेरिकी एआई कंपनी Anthropic ने अपना नया मॉडल Claude Sonnet 4.6 लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे अब तक का सबसे उन्नत ‘सोनेट’ मॉडल बताया है और इसे फ्री व पेड दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया है। इस घोषणा के बाद सॉफ्टवेयर सेक्टर में एआई प्रतिस्पर्धा को लेकर नई चिंताएं उभर आईं।

निफ्टी IT में तेज गिरावट

बाजार में इसका असर तुरंत दिखा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.5% गिरकर 32,265.20 के स्तर पर आ गया।

Infosys और Persistent Systems के शेयर करीब 3% तक टूटे। Wipro, HCL Technologies और Mphasis में 2% से अधिक की गिरावट रही, जबकि Tata Consultancy Services (TCS) भी करीब 2% फिसला। टेक महिंद्रा, कोफोर्ज और एलटीआई माइंडट्री में भी लगभग 3% तक कमजोरी दर्ज की गई।

क्यों बढ़ी चिंता?

Claude Sonnet 4.6 को claude.ai पर डिफॉल्ट मॉडल बनाया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कोडिंग, लंबा कॉन्टेक्स्ट समझने और जटिल सॉफ्टवेयर सिस्टम्स को संभालने में पहले से ज्यादा सक्षम है। विश्लेषकों का मानना है कि एआई मॉडल्स की तेजी से बढ़ती क्षमता पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर दबाव बना सकती है।

वैश्विक स्तर पर भी टेक शेयर दबाव में रहे। कॉग्निजेंट और एक्सेंचर जैसे शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। NAB के विश्लेषकों के मुताबिक, एआई से कौन-सा सेक्टर सबसे ज्यादा लाभान्वित होगा और किस पर नकारात्मक असर पड़ेगा, इसको लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। यही अनिश्चितता बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा रही है।

एक दिन पहले थी तेजी

दिलचस्प बात यह है कि इससे एक दिन पहले आईटी शेयरों में तेजी आई थी। इंफोसिस ने एंथ्रॉपिक के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी। कंपनी अपने Topaz AI प्लेटफॉर्म में Claude मॉडल्स को इंटीग्रेट करेगी और एक विशेष सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित करेगी।

एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि डेमो में काम करने वाला एआई और रेगुलेटेड इंडस्ट्री में लागू होने वाला एआई अलग होता है, और इस अंतर को भरने के लिए डोमेन विशेषज्ञता जरूरी है। वहीं इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि एआई खतरा नहीं, बल्कि बड़ा अवसर है।

हालांकि पिछले सप्ताह निफ्टी आईटी इंडेक्स में 8.2% की गिरावट दर्ज हुई थी, जो 11 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट थी। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर हैं और एआई को लेकर बाजार की घबराहट शायद जरूरत से ज्यादा है।

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