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ओएचपी में ‘शून्य दुर्घटना, शून्य ब्रेकडाउन’ लक्ष्य हेतु प्रदर्शन सुधार कार्यशाला आयोजित

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भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन– ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में 18 फरवरी 2026 को ओर हैंडलिंग प्लांट (ओएचपी) के लिए “शून्य दुर्घटना, शून्य ब्रेकडाउन” थीम पर आधारित प्रदर्शन सुधार कार्यशाला (पीआईडब्ल्यू) का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में ओएचपी के यांत्रिक, परिचालन एवं विद्युत विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति अपने सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया।

महाप्रबंधक प्रभारी (एचआर-एल एंड डी) श्री संजीव श्रीवास्तव ने स्वागत उदबोधन दिया।

कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि संयंत्र की निर्बाध कार्यप्रणाली के लिए विश्वसनीयता, सुरक्षा और टीम भावना अनिवार्य है। उन्होंने मानसून के मद्देनज़र सक्रिय अनुरक्षण और जवाबदेही आधारित कार्यसंस्कृति को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) श्री सजीव वर्गीज़ ने अपने संबोधन में कार्यशाला से अपेक्षाओं को स्पष्ट करते हुए आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एआई आधारित अलर्ट प्रणाली के उपयोग के माध्यम से स्मार्ट एवं विवेकपूर्ण कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रतिबद्धता से ‘शून्य दुर्घटना’ एवं ‘शून्य ब्रेकडाउन’ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सुरक्षा” प्राथमिकताओं से ऊपर एक स्थायी मूल्य है और इसे कार्यसंस्कृति का मूल आधार बनाया जाना चाहिए।  

तकनीकी सत्रों के क्रम में मुख्य महाप्रबंधक (यांत्रिकी) श्री पी. के. सिंह ने कन्वेयर बेल्ट के जीवनकाल में वृद्धि पर प्रस्तुति देते हुए उचित एलाइनमेंट, कंडीशन मॉनिटरिंग, निवारक अनुरक्षण तथा श्रेष्ठ परिचालन पद्धतियों के माध्यम से क्षरण कम करने और डाउनटाइम घटाने पर व्यावहारिक सुझाव साझा किए।

इसके पश्चात मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) श्री सजीव वर्गीज़ ने “स्वामित्व भावना एवं 360 डिग्री अवलोकन” तथा “सर्वोत्तम परिचालन एवं अनुरक्षण पद्धतियां” विषयों पर आधारित सत्रों में व्यवहारगत सकारात्मक परिवर्तन, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा संभावित समस्याओं की समयपूर्व पहचान को परिचालन उत्कृष्टता की कुंजी बताया।   

कार्यशाला के दौरान ओईएम मैसर्स मेटसो (एमईटीएसओ) की टीम ने वैगन टिपलर, स्टेकर एवं बकेट व्हील रिक्लेमर पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति देते हुए इन उपकरणों के बेहतर अनुरक्षण एवं दक्ष संचालन की दिशा में सार्थक मार्गदर्शन प्रदान किया।  

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहे समूह मंथन सत्र में कन्वेयर की उत्पादकता वृद्धि, कन्वेयर बेल्ट के जीवनकाल में सुधार तथा ‘शून्य दुर्घटना, शून्य ब्रेकडाउन’ लक्ष्य जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। सभी समूहों ने गहन चर्चा के उपरांत व्यावहारिक एवं क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें निवारक अनुरक्षण, बेहतर हाउसकीपिंग, विभागीय समन्वय तथा सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू), श्री विजय कुमार बेहरा ने प्रस्तुत समेकित कार्ययोजनाएँ के विश्लेषण उत्कृष्टता तथा प्रस्तावित उपायों की स्पष्टता की सराहना करते हुए विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने तथा मानसून पूर्व बेहतर हाउसकीपिंग एवं अनुशासित अनुरक्षण कार्यों पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम का समन्वय उप महाप्रबंधक (ओएचपी), श्री प्रशांत जैन द्वारा किया गया। कार्यशाला की संपूर्ण रूपरेखा महाप्रबंधक (एचआर–एल एंड डी), श्री मुकुल सहारिया द्वारा तैयार की गई। उन्होंने कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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