छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिला आरक्षक से दुष्कर्म के आरोपों के बाद डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया गया है। मामला डौंडी थाना क्षेत्र का है, जहां करीब छह महीने पहले महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप है कि आरोपी अधिकारी ने शादी का वादा कर सात वर्षों तक संबंध बनाए और इस दौरान तीन बार जबरन गर्भपात कराया।
शिकायत के मुताबिक दोनों की पहचान वर्ष 2017 में हुई थी, जब वे डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रहे थे। बातचीत धीरे-धीरे रिश्ते में बदली। महिला आरक्षक का कहना है कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर शारीरिक संबंध बनाए। मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती होने पर पढ़ाई पूरी होने का हवाला देकर कथित रूप से गर्भपात कराया गया।
पीड़िता का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद भी वह आरोपी की पढ़ाई और कोचिंग के खर्च में आर्थिक सहयोग करती रही। 2020 में पीएससी पास कर डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद भी शादी का वादा टलता रहा। आरोप है कि फरवरी 2023 में खरीदी गई कार और आर्थिक लेन-देन को लेकर भी विवाद हुआ। पीड़िता का कहना है कि उसने अलग-अलग समय पर बैंक से लोन लेकर करीब 3.30 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दिसंबर 2024 में अंडमान यात्रा के बाद वह फिर गर्भवती हुईं और जनवरी 2025 में बीजापुर स्थित सरकारी आवास में कथित रूप से जबरन गर्भपात की दवा दी गई। मई 2025 में तीसरी बार गर्भधारण होने पर फिर से दवा देने का आरोप लगाया गया है। अंततः जून 2025 में आरोपी के शादी से मुकर जाने के बाद मामला दर्ज कराया गया।
आरोप लगने के समय दिलीप उइके बीजापुर में पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि कार्रवाई में देरी के कारण पीड़िता ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने निलंबन की पुष्टि की।
मामले में जांच जारी है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल आरोपी अधिकारी को सेवा से निलंबित कर दिया गया है।