मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का दिल्ली के करीब पहुंचने का सात साल पुराना सपना आज साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार यानी आज बहुप्रतीक्षित नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।
मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक दौड़ने वाली यह रैपिड ट्रेन और शहर के भीतर चलने वाली मेरठ मेट्रो क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में एक नई क्रांति का सूत्रपात करेगी।
82 किलोमीटर का सफर अब सिर्फ 55 मिनट में
नमो भारत ट्रेन की सबसे बड़ी ताकत इसकी बेजोड़ रफ्तार है। यह आधुनिक ट्रेन दिल्ली से मेरठ के बीच की 82 किलोमीटर की कुल दूरी को मात्र 55 मिनट में तय कर लेगी। वर्तमान में सड़क मार्ग या साधारण ट्रेन से इस सफर में काफी समय लगता है, लेकिन इस रैपिड रेल के शुरू होने से यात्रियों को जाम और देरी से बड़ी राहत मिलेगी।
एक ही ट्रैक पर चलेंगी मेट्रो और रैपिड रेल
इस परियोजना की सबसे अनूठी विशेषता इसका ‘इंटीग्रेटेड मॉडल’ है। मेरठ शहर के अंदर स्थानीय यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी, जबकि दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर लंबी दूरी के यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेन चलेगी। खास बात यह है कि दोनों ही ट्रेनें एक ही ट्रैक और बुनियादी ढांचे का उपयोग करेंगी, जो दुनिया में अपनी तरह का एक अनूठा तकनीकी संगम है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे प्रीमियम कोच
नमो भारत ट्रेनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। ट्रेन के भीतर यात्रियों के लिए हाई-स्पीड वाई-फाई, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स के साथ-साथ बेहद आरामदायक सीटें उपलब्ध होंगी। सुरक्षा के लिहाज से हर कोच में सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद रहे।
दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी
पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के शुरू होने से गाजियाबाद, साहिबाबाद और मेरठ के लाखों लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस कॉरिडोर के किनारे स्थित इलाकों में रियल एस्टेट, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट न केवल दिल्ली पर आबादी के बोझ को कम करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध होगा।
उद्घाटन की तैयारियां और सुरक्षा परीक्षण अंतिम चरण में
प्रधानमंत्री के आगमन और हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम को लेकर मेरठ से लेकर गाजियाबाद तक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। ट्रेनों का सुरक्षा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और स्टेशनों को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। रैपिड रेल के संचालन से पश्चिमी यूपी के लाखों लोगों का ‘रफ्तार’ का सपना सच होने जा रहा है।