छत्तीसगढ़ के Dongargarh थाना क्षेत्र के ग्राम रांका में देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सीधे दीवार से टकरा गई, जिससे दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई और दोनों सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक की गति असामान्य रूप से तेज थी। अचानक संतुलन बिगड़ते ही वाहन सीधे दीवार से जा भिड़ा। आसपास मौजूद लोगों का कहना है कि अगर रफ्तार काबू में होती, तो शायद दोनों युवकों की जान बच सकती थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंची।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर शहर में ओवर स्पीडिंग की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ओवर स्पीड नियंत्रण अभियान सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं। खासकर रात के समय शहर और आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी निगरानी नजर नहीं आती। लोगों का कहना है कि यदि नियमित और सख्त चेकिंग होती, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता था।
डोंगरगढ़ में पिछले कुछ महीनों से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। नागरिकों का मानना है कि ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती की कमी साफ दिखाई देती है। अब इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या ओवर स्पीड पर रोक लगाने के लिए उठाए जा रहे कदम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? क्या जिम्मेदारी तय होगी? और आखिर कब सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस और जमीन पर असर दिखाने वाली कार्रवाई होगी?
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन केवल बयान जारी करने तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक स्तर पर ट्रैफिक मॉनिटरिंग, स्पीड चेकिंग और जागरूकता अभियान को मजबूत करे। ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की असहनीय त्रासदी का सामना न करना पड़े।