शोएब अख्तर का बड़ा बयान: भारतीय गेंदबाजी में ‘मार्शल जैसा खौफ’ नहीं, कुलदीप को मौका देने की सलाह

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टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की 76 रन से हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज Shoaib Akhtar ने भारतीय बॉलिंग अटैक पर तीखी टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा भारतीय गेंदबाजों में वह डर या आक्रामकता नहीं दिखी, जो बड़ी टीमों को दबाव में डाल सके।

अख्तर ने खास तौर पर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे की गेंदबाजी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने तुलना करते हुए वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज Malcolm Marshall का उदाहरण दिया, जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे और 70-80 के दशक में बल्लेबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम थे। अख्तर का कहना था कि अगर डेथ ओवर्स में ऐसी मध्यम गति की गेंदबाजी कराई जाएगी, तो पलटवार होना तय है।

भारत की ओर से हार्दिक और दुबे ने मिलकर 6 ओवर में 67 रन खर्च किए और सिर्फ एक विकेट लिया। अख्तर के मुताबिक यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय बॉलिंग यूनिट में विविधता और धार की कमी है, जो बड़े मैचों में उजागर हो जाती है।

उन्होंने मिस्ट्री स्पिनर Varun Chakravarthy की स्पीड में गिरावट पर भी सवाल उठाए। अख्तर का कहना था कि वरुण की ताकत 97-98 किमी प्रति घंटे की रफ्तार है, लेकिन इस मैच में वे 94 के आसपास गेंदबाजी करते दिखे। जैसे ही वे अटैक पर आए, Dewald Brevis ने उन पर छक्का जड़ दिया, जो दबाव की स्थिति को दर्शाता है।

भारतीय गेंदबाजी में सुधार के लिए अख्तर ने साफ शब्दों में Kuldeep Yadav को प्लेइंग-इलेवन में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कुलदीप को ‘मिसिंग लिंक’ बताते हुए कहा कि वे हवा में गेंद को ड्रिफ्ट करा सकते हैं, बल्लेबाजों को छकाने की क्षमता रखते हैं और जरूरत पड़ने पर विकेट निकाल सकते हैं। उनके अनुसार, कुलदीप मैच विनर हैं और उन्हें बाहर रखना समझ से परे है। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में कुलदीप ने 3 ओवर में 14 रन देकर एक विकेट लिया था, जिससे उनकी नियंत्रण क्षमता झलकती है।

अख्तर ने यह भी कहा कि Washington Sundar और वरुण चक्रवर्ती जैसे गेंदबाजों की स्किल सेट में समानता होने से विपक्षी टीमों को आक्रमण का अंदाजा पहले से हो जाता है। जब गेंदबाजी में विविधता नहीं होती, तो टॉप टीमें आसानी से रणनीति बनाकर हमला कर देती हैं।

मुकाबले की बात करें तो अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर सिमट गई। Marco Jansen ने 4 विकेट लिए, जबकि Keshav Maharaj ने 3 विकेट झटके। दक्षिण अफ्रीका की ओर से David Miller ने 63 रन की तेज पारी खेली, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने नाबाद 44 रन बनाए। भारत की ओर से Jasprit Bumrah ने 3 विकेट लिए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके।

इस हार के बाद टीम संयोजन और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट आगे के मुकाबलों में बदलाव करता है या नहीं।

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