शेयर बाजार में सुस्त सुबह: सेंसेक्स 577 अंक टूटा, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ी

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मंगलवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रही। वैश्विक संकेतों की कमजोरी और अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की भारी बिकवाली का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखा। शुरुआती कारोबार में ही BSE Sensex 577 अंक टूटकर 82,717 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 161 अंक गिरकर 25,552 पर कारोबार करता नजर आया।

पिछले सत्र की बढ़त पूरी तरह धुल गई और बाजार ने लाल निशान में शुरुआत की। सुबह 9:26 बजे तक सेंसेक्स में 0.69 प्रतिशत और निफ्टी में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे—निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.55 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग 0.67 प्रतिशत नीचे फिसल गया।

सबसे ज्यादा चोट आईटी सेक्टर को लगी। Nifty IT में करीब 2.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो दिन की सबसे बड़ी सेक्टोरल गिरावट रही। विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई भारी बिकवाली ने भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ाया है। इसके अलावा रियल्टी और मीडिया सेक्टर भी क्रमश: 0.90 और 0.32 प्रतिशत नीचे रहे। हालांकि मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में मामूली मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।

गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह अमेरिका की व्यापार नीतियों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता भी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा घोषित 15 प्रतिशत के नए वैश्विक टैरिफ ढांचे ने निवेशकों की धारणा को झटका दिया है। हालांकि Supreme Court of the United States के एक फैसले के बाद कुछ Reciprocal Tariffs पर रोक की खबर आई है, लेकिन निर्यात आधारित सेक्टरों के लिए असमंजस अब भी बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में संभावित बदलाव का असर आईटी और फार्मा जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 25,600 से 25,500 का दायरा तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं 25,800 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख रहा—चीन और जापान में हल्की बढ़त दर्ज हुई, जबकि Hang Seng Index दो प्रतिशत से ज्यादा गिर गया।

निवेशकों के रुख की बात करें तो सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,483 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,292 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इसके बावजूद आज की गिरावट से साफ है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच बाजार फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ मोड में है।

कुल मिलाकर, बाजार की यह गिरावट सिर्फ एक दिन की कमजोरी नहीं, बल्कि वैश्विक टेक सेल-ऑफ और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता का संकेत भी हो सकती है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी बाजार, टैरिफ से जुड़े फैसलों और आईटी सेक्टर की चाल पर टिकी रहेगी।

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