कक्षा से फैक्ट्री तक—कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के छात्रों ने वचन डेयरी में सीखी आधुनिक डेयरी प्रबंधन की बारीकियां

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रायपुर स्थित Kushabhau Thakre Patrakarita Avam Jansanchar Vishwavidyalaya के प्रबंधन विभाग के एमबीए (HRD) और बीबीए द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने औद्योगिक अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से खरोरा स्थित वचन दुग्ध फैक्ट्री का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण सारदा डेयरी एंड फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड की इकाई में आयोजित किया गया, जहां छात्रों को दूध उद्योग की आधुनिक प्रक्रियाओं से सीधे रूबरू होने का अवसर मिला। कुलपति प्रो. मनोज दयाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़ाकर वास्तविक उत्पादन प्रणाली की समझ देना था।

भ्रमण के दौरान छात्रों ने दूध के संग्रहण से लेकर अंतिम उत्पाद की पैकेजिंग और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। मिल्क कलेक्शन यूनिट में किसानों से दूध प्राप्त करने की प्रणाली, टेस्टिंग लैब में गुणवत्ता जांच की तकनीक, प्रोसेसिंग सेक्शन में पास्चरीकरण की वैज्ञानिक प्रक्रिया, पैकेजिंग लाइन की स्वचालित व्यवस्था और कोल्ड चेन मैनेजमेंट की भूमिका को विस्तार से समझाया गया।

फैक्ट्री के अधिकारी कृपाशंकर यादव ने उत्पादन प्रणाली के साथ-साथ सुरक्षा मानकों और स्वच्छता प्रोटोकॉल की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह बहुस्तरीय गुणवत्ता जांच प्रणाली मिलावट रोकने और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित उत्पाद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। पाश्चराइज्ड मिल्क, फ्लेवर मिल्क, दही, छाछ और घी जैसे उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया।

यह भ्रमण छात्रों के लिए किसी ‘लाइव इंडस्ट्रियल लैब’ से कम नहीं रहा। तकनीकी विशेषज्ञों ने मौके पर ही विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें यह समझने में मदद की कि प्रबंधन सिद्धांतों का वास्तविक उद्योग में किस प्रकार उपयोग किया जाता है। इससे छात्रों को सप्लाई चेन, क्वालिटी कंट्रोल, मानव संसाधन प्रबंधन और उत्पादन दक्षता जैसे विषयों की व्यवहारिक समझ मिली।

कार्यक्रम में फैक्ट्री के एचआर संजय लाल, डॉ. जितेन्द्र मौर्या, प्रबंधन विभाग प्रमुख डॉ. आशुतोष मंडावी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संदीप कुमार पंडा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह औद्योगिक भ्रमण न केवल शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी साबित हुआ, बल्कि विद्यार्थियों के करियर दृष्टिकोण को भी व्यापक बनाने में सहायक रहा।

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