भारतीय विश्व चैंपियन D Gukesh के लिए Prague Chess Festival का मास्टर्स वर्ग अब तक उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। तीसरे दौर में उन्हें नीदरलैंड के Jorden van Foreest के हाथों हार का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट में पहली जीत की तलाश कर रहे गुकेश इस मुकाबले में शुरुआत से ही दबाव में दिखे और खेल के किसी भी चरण में ठोस बढ़त नहीं बना सके।
फोरेस्ट ने सफेद मोहरों से रूय लोपेज ओपनिंग अपनाई और टार्टाकोवर वेरिएशन में बिशप की जोड़ी के साथ शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। इससे गुकेश की स्थिति कमजोर होती गई और उन्हें एक मोहरा गंवाना पड़ा। रानी के आदान-प्रदान के बाद स्थिति और जटिल हो गई, जहां फोरेस्ट ने धीरे-धीरे बढ़त को जीत में तब्दील कर दिया। 48वीं चाल में मुकाबला उनके पक्ष में समाप्त हुआ। इस जीत के साथ फोरेस्ट फिर संयुक्त बढ़त में पहुंच गए और अब तक तीनों मुकाबलों में परिणाम निकालने वाले एकमात्र खिलाड़ी बने हुए हैं।
फोरेस्ट के दो अंक हैं और वह उज्बेकिस्तान के Nodirbek Yakubboev तथा Nodirbek Abdusattorov के साथ-साथ चेक गणराज्य के David Navara के बराबर संयुक्त बढ़त पर हैं। 10 खिलाड़ियों के इस टूर्नामेंट में अभी छह दौर शेष हैं, जिससे वापसी की संभावनाएं बनी हुई हैं।
गुकेश फिलहाल एक अंक के साथ सातवें स्थान पर हैं। उनके साथ जर्मनी के शीर्ष वरीय Vincent Keymer, अमेरिका के Hans Niemann और ईरान के Parham Maghsoodloo भी समान स्थिति में हैं। भारतीय खिलाड़ी Aravindh Chithambaram ने तीसरे दौर में मगसूदलू के साथ ड्रॉ खेलकर अपने अंक 1.5 तक पहुंचाए हैं।
चैलेंजर्स वर्ग में भारत की Divya Deshmukh और Surya Shekhar Ganguly को हार का सामना करना पड़ा। दिव्या को चीन की जिनेर झू के खिलाफ हार मिली, जबकि गांगुली चेक गणराज्य के जैचिम नेमेक से पराजित हुए।
कुल मिलाकर, प्राग मास्टर्स में अभी छह दौर बाकी हैं और गुकेश के पास वापसी का मौका मौजूद है। हालांकि तीसरे दौर की हार ने उनकी राह थोड़ी कठिन जरूर कर दी है। अब नजर रहेगी कि विश्व चैंपियन आने वाले मुकाबलों में किस तरह अपनी लय वापस हासिल करते हैं।