महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नक्सल मोर्चे पर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित संगठन की बीबीएम (BBM) कमेटी से जुड़े 15 नक्सलियों ने बलोदा थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 9 महिला और 6 पुरुष नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण के बाद सभी को सुरक्षा कारणों से महासमुंद के रक्षित केंद्र लाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात बलोदा थाना में 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि, ये सभी लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे और संगठन की बीबीएम कमेटी से जुड़े हुए थे। आत्मसमर्पण करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक है, जो नक्सल संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
पुलिस प्रेसवार्ता लेकर देगी जानकारी
आपको बता दें कि, आत्मसमर्पण के बाद सभी नक्सलियों को महासमुंद के रक्षित केंद्र में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। मामले को लेकर आज पुलिस द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें आत्मसमर्पण की पूरी प्रक्रिया, नक्सलियों की भूमिका और आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
महासमुंद और ओडिशा पुलिस ने पोस्टर जारी कर की आत्मसमर्पण की अपील
वहीं कुछ दिनों पहले BBM (बलांगीर, बरगढ़, महासमुंद) के नक्सलियों ने सरेंडर करने की बात कही थी। ऐसे में वे महासमुंद जिले के बलौदा थाने में 15 नक्सली सरेंडर कर सकते हैं। पतेरापाली, कापू कुंडा और जामपाली के जंगल में इनके होने की संभावना जताई जा रही है। सरेंडर कराने वाले प्रतिनिधि मंडल की जंगल में नक्सलियों से मुलाकात होने की बात कही जा रही है।
माओवादियों के साथ-साथ जिला पुलिस का भी नम्बर जारी
महासमुंद पुलिस और ओडिशा पुलिस ने अपील के पोस्टर जारी कर नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की है। जिसमें मुख्य धारा में लौट चुके नक्सलियों की तस्वीर भी किया गया है। पोस्टर में उनके संपर्क में रहे माओवादियों के साथ-साथ जिला पुलिस का भी नम्बर जारी किया गया है। महासमुंद पुलिस लाइन में सरेंडर को लेकर प्रेसवार्ता की तैयारी हो रही है।
पांच दिन पहले पत्र लिखकर किया था ऐलान
उल्लेखनीय है कि, छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सक्रिय CPI (माओवादी) बलांगीर-बरगड़-महासमुंद (BBM) डिवीजन के 15 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने का ऐलान किया है। पश्चिम सब ब्यूरो सचिव ‘विकास’ ने गृह मंत्री विजय शर्मा को विस्तृत पत्र भेजकर कहा है कि सभी सदस्य मुख्यधारा में जुड़ने के लिए तैयार हैं और सरकार से रेडियो संदेश के माध्यम से सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं। गृह मंत्री ने भी आश्वासन दिया है कि सरकार पुनर्वास नीति पर पहले से काम कर रही है और जल्द ही वीडियो संदेश जारी करेंगे।