ईरान-इस्राइल-यूएस के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब खेल जगत में भी साफ दिखाई देने लगा है। बर्मिंघम में शुरू हो रही प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप से पहले भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू दुबई में फंस गई हैं। खाड़ी क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रद्द होने के कारण वह समय पर इंग्लैंड नहीं पहुंच सकी हैं। ऐसे में उनके टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका गहरा गई है।
बताया जा रहा है कि दुबई में उनके ठहरने के स्थान के पास विस्फोट की आवाज भी सुनी गई, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। मौजूदा हालात में उनका कोर्ट पर उतरना मुश्किल दिख रहा है। सिंधू का पहला मुकाबला थाईलैंड की सुपनिदा कातेथोंग से होना था, लेकिन यात्रा बाधित होने से स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
विश्व बैडमिंटन महासंघ यानी Badminton World Federation ने बयान जारी कर कहा है कि वह हालात पर रीयल-टाइम नजर रखे हुए है और जिन खिलाड़ियों की यात्रा प्रभावित हुई है, उन्हें हरसंभव सहायता दी जाएगी। हालांकि, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की चुनौती अब भी बनी हुई है।
दूसरी ओर, भारत के लक्ष्य सेन और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी वैकल्पिक मार्ग से बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। लक्ष्य का सामना पहले ही दौर में विश्व नंबर-1 शी यूकी से है, जो एक कठिन ड्रॉ माना जा रहा है। लंबी यात्रा और जेट लैग भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। महिला एकल में मालविका बंसोड़ को ओलंपिक चैंपियन चेन यूफे से भिड़ना है। उन्नति हुड्डा को फ्लाइट रद्द होने के बाद अफ्रीका के रास्ते लंबी यात्रा करनी पड़ी, जिससे उनकी तैयारी पर असर पड़ सकता है। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी भी अपने अभियान की शुरुआत मजबूत विरोधियों के खिलाफ करेगी।
ऑल इंग्लैंड में भारत का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है, लेकिन खिताब बहुत कम बार देश आया है। केवल Prakash Padukone (1980) और Pullela Gopichand (2001) ही यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीत सके हैं। हाल के वर्षों में साइना नेहवाल और लक्ष्य सेन उपविजेता रहे, लेकिन खिताब अब भी दूर है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया है कि वैश्विक राजनीति का असर खेलों पर भी पड़ सकता है। सिर्फ बैडमिंटन ही नहीं, क्रिकेट में भी असर देखने को मिला है। इंग्लैंड के खिलाड़ी Jonny Bairstow अबू धाबी में फंस गए, जहां पाकिस्तान-ए और इंग्लैंड लायंस के बीच होने वाला मुकाबला रद्द करना पड़ा।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सिंधू समय पर बर्मिंघम पहुंच पाएंगी या भारत को इस बार अपने सबसे बड़े नाम के बिना ही ऑल इंग्लैंड में उतरना होगा। खेल का मंच तैयार है, लेकिन जंग की आंच ने मुकाबले से पहले ही माहौल को असामान्य बना दिया है।