रंगों के त्योहार से पहले राजधानी में एक और ‘रंग’ चढ़ने की तैयारी है—शराब बिक्री का। आबकारी विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार होली के मौके पर 65 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब बिक सकती है। पिछले साल तीन दिनों में ही करीब 60 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई थी, ऐसे में इस बार आंकड़ा उससे आगे निकलने की उम्मीद है।
त्योहार की आहट के साथ ही विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर की सभी शराब दुकानों में अलग-अलग ब्रांड का पर्याप्त स्टॉक पहुंचाया जा रहा है, ताकि मांग बढ़ने पर कमी न हो। बताया जा रहा है कि अतिरिक्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने अतिरिक्त वाहन भी किराए पर लिए हैं। सुपरवाइजरों से एक सप्ताह पहले ही संभावित मांग का आकलन मंगाया गया और उसी के आधार पर सप्लाई शुरू कर दी गई।
अनुमान है कि राजधानी में करीब 35 प्रतिशत लोग होली के दिन शराब पीने या पिलाने में शामिल होते हैं। चूंकि होली के दिन ड्राई डे रहेगा, इसलिए कई लोग पहले से ही स्टॉक जमा करने में जुट गए हैं। इस बार एक अहम बदलाव यह है कि होली से एक दिन पहले शराब दुकानें निर्धारित समय तक खुली रहेंगी, जबकि पहले शाम पांच बजे ही बंद कर दी जाती थीं।
सूत्रों के अनुसार, बिक्री बढ़ाने के लिए बार संचालकों को भी अतिरिक्त कोटा उठाने के लिए कहा गया है। सामान्य दिनों की तुलना में करीब 25 प्रतिशत ज्यादा स्टॉक लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान मांग पूरी की जा सके।
उधर ड्राई डे को देखते हुए अवैध बिक्री की आशंका भी बढ़ जाती है। शराब कोचियों पर नकेल कसने के लिए आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई है। मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि प्रतिबंधित दिन किसी तरह की अवैध बिक्री न हो सके।
डिमांड के पैटर्न की बात करें तो होली पर देशी की तुलना में अंग्रेजी शराब की मांग ज्यादा रहती है। खासकर मध्यम श्रेणी के लोकप्रिय ब्रांड तेजी से बिकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दुकानों में चर्चित ब्रांड्स का अतिरिक्त स्टॉक रखा जा रहा है। साथ ही गोवा स्टैंडर्ड शराब की भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
रंग, गुलाल और उमंग के बीच इस बार राजधानी में शराब कारोबार भी चरम पर पहुंचने की तैयारी में है। प्रशासन की नजर राजस्व पर है, तो पुलिस की नजर कानून व्यवस्था पर—अब देखना है कि त्योहार का यह ‘हाई स्पिरिट’ कितना रिकॉर्ड तोड़ता है।