‘बिग बॉस 19’ की रनर-अप और अभिनेत्री फरहाना भट्ट का एक बयान सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बन गया है। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह खबर उन्हें अंदर तक झकझोर गई और वे पूरी रात सो नहीं पाईं। उनके मुताबिक, खामेनेई कई लोगों के लिए प्रेरक व्यक्तित्व थे और उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
फरहाना ने एक मीडिया बातचीत में भावुक स्वर में कहा कि इस घटना ने कई लोगों को सदमे में डाल दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि खबर सुनने के बाद वे बेहद व्यथित थीं और सेहरी के बाद भी उनकी आंखों में नींद नहीं थी। उनके इस बयान का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया दो खेमों में बंटता दिखा—एक वर्ग ने उनकी भावनाओं का सम्मान करने की बात कही, तो दूसरे ने कड़ी आलोचना की।
इसी बीच, अभिनेत्री हिना खान के पति और प्रोड्यूसर रॉकी जायसवाल ने बिना नाम लिए इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट साझा किया। उन्होंने सीधे तौर पर किसी का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों को फरहाना के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्ट में उन्होंने संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं के प्रति जिम्मेदारी और संतुलन की बात कही।
मनोरंजन जगत की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर सेलेब्रिटीज़ की टिप्पणियां अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस का रूप ले लेती हैं। एक ओर भावनात्मक अभिव्यक्ति का अधिकार है, तो दूसरी ओर सार्वजनिक हस्तियों की बातों का व्यापक असर भी होता है। यही कारण है कि फरहाना के बयान ने सिर्फ मनोरंजन जगत ही नहीं, बल्कि आम दर्शकों के बीच भी चर्चा छेड़ दी है।
फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया तक सीमित है, लेकिन यह साफ है कि वैश्विक घटनाओं पर सेलिब्रिटीज़ की राय किस तरह राष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी बहस का कारण बन सकती है।