टी20 वर्ल्ड कप में शानदार पारी खेलने के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज Sanju Samson इस समय सोशल मीडिया पर एक अलग वजह से चर्चा में हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने के बाद सैमसन का जश्न चर्चा का विषय बन गया है। इसी जश्न को लेकर अब यह खबरें सामने आ रही हैं कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, जिसके कारण “Sanju Samson ban” ट्रेंड करने लगा है।
यह मुकाबला कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens मैदान पर खेला गया था। मैच के अंतिम क्षणों में जब सैमसन ने विजयी चौका लगाया, तो उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में जश्न मनाया। जीत के बाद उन्होंने अपना हेलमेट उतारकर मैदान पर फेंक दिया और घुटनों के बल बैठकर ईश्वर का धन्यवाद किया। यह पल काफी भावनात्मक था और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इस जश्न को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे “ट्रू केरल स्टोरी” कहकर शेयर किया और दावा किया कि सैमसन ने अलग-अलग धार्मिक अंदाज में आभार व्यक्त किया। कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने पहले बाहें फैलाकर इस्लामी अंदाज में धन्यवाद किया, फिर क्रॉस का निशान बनाया और अंत में हाथ जोड़कर प्रार्थना की।
हालांकि इस पूरे मामले में असली सवाल धार्मिक इशारों को लेकर नहीं, बल्कि हेलमेट फेंकने को लेकर उठ रहा है। दरअसल International Cricket Council यानी ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत क्रिकेट उपकरणों के दुरुपयोग पर रोक है। नियमों के अनुसार हेलमेट, बैट या स्टंप को गुस्से में या जश्न के दौरान मैदान पर फेंकना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आ सकता है।
ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी क्रिकेट उपकरणों का गलत इस्तेमाल करता है, तो उसे नियमों के उल्लंघन के तौर पर देखा जा सकता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर कार्रवाई की जा सकती है।
अगर सैमसन के मामले को लेवल-1 उल्लंघन माना जाता है, तो उन पर अधिकतम मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है और 1 या 2 डिमेरिट पॉइंट भी दिए जा सकते हैं। आम तौर पर इस स्तर पर मैच बैन बहुत कम मामलों में दिया जाता है। मामला तब ज्यादा गंभीर माना जाता है जब खिलाड़ी के खिलाफ लगातार डिमेरिट पॉइंट जमा हो जाएं या मैच रेफरी इसे गंभीर उल्लंघन मान लें।
इससे पहले भारतीय महिला टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur को भी इसी तरह के मामले में सजा मिल चुकी है। उन्हें उपकरण के दुरुपयोग के साथ-साथ अंपायरों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने के कारण दो मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा था। वहीं इसी टूर्नामेंट में एक अन्य खिलाड़ी को भी आउट होने के बाद हेलमेट फेंकने पर एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया था।
जहां तक धार्मिक इशारों का सवाल है, ICC का नियम स्पष्ट है कि अगर कोई इशारा किसी धर्म को उकसाने या अपमानित करने वाला हो, तो एंटी-रेसिज्म कोड के तहत लेवल-3 या लेवल-4 का मामला बन सकता है। लेकिन सैमसन का जश्न शांत और व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा माना जा रहा है, इसलिए इस आधार पर कार्रवाई की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
भारत का अगला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में होना है, जो मुंबई के प्रसिद्ध Wankhede Stadium में खेला जाएगा। सैमसन टीम के साथ मुंबई पहुंच चुके हैं और अभी तक ICC की ओर से उनके खिलाफ किसी तरह की आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजर ICC के फैसले पर टिकी हुई है। अगर सैमसन पर कोई बड़ी कार्रवाई होती है, तो यह भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल से पहले बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि इस समय वह शानदार फॉर्म में हैं और मिडिल ऑर्डर में Suryakumar Yadav के साथ अहम भूमिका निभा रहे हैं।