छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दोनों सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है और दोनों प्रत्याशियों ने गुरुवार 5 मार्च को नामांकन दाखिल कर दिया। इस तरह यह तय हो गया है कि इस बार छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में दो महिला प्रतिनिधि पहुंचेंगी।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से Laxmi Verma को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि कांग्रेस ने मौजूदा सांसद Phulo Devi Netam को दोबारा मौका दिया है। नामांकन के अंतिम दिन दोनों नेताओं ने विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
नामांकन से पहले लक्ष्मी वर्मा प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचीं और वहां स्थित स्मृति मंदिर में माल्यार्पण किया। इसके बाद वे मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Kiran Dev और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री Ajay Jamwal के साथ विधानसभा पहुंचीं। इस दौरान पार्टी के कई सांसद, मंत्री और विधायक भी उनके साथ मौजूद रहे।
नामांकन दाखिल करने से पहले लक्ष्मी वर्मा ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक सामान्य कार्यकर्ता को बड़ा अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम करती रही है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि पार्षद के रूप में उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए काम किया और महिलाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए कई पहल कीं।
लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि आज भी वह अपने कपड़े खुद सिलना पसंद करती हैं और साधारण जीवन जीती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनके काम को सम्मान दिया है और उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद वे छत्तीसगढ़ के हितों को मजबूती से उठाएंगी और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम जारी रखेंगी।
दूसरी ओर कांग्रेस की उम्मीदवार फूलो देवी नेताम भी अपने निवास से पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के साथ विधानसभा पहुंचीं और नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
मीडिया से बातचीत में फूलो देवी नेताम ने कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बार फिर मौका दिया है, इसके लिए वह सभी का धन्यवाद करती हैं। उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने हमेशा पार्टी और प्रदेश के मुद्दों को प्राथमिकता दी है। राज्यसभा में जब भी उन्हें बोलने का अवसर मिला, उन्होंने छत्तीसगढ़ के हितों और जनता की आवाज को मजबूती से उठाने की कोशिश की।
फूलो देवी नेताम ने कहा कि आगे भी वह इसी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करती रहेंगी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए भी वे लगातार प्रयास करेंगी और क्षेत्र को आगे बढ़ते देखना चाहती हैं।
इस तरह छत्तीसगढ़ की दोनों राज्यसभा सीटों पर महिला उम्मीदवारों के मैदान में होने से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है और राज्य की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को भी एक नई मजबूती मिलती दिखाई दे रही है।