देश के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 5 मार्च को सोने और चांदी दोनों के दाम नीचे आए हैं। India Bullion and Jewellers Association के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है और यह अब करीब ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत लगभग ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम थी। यानी पिछले दो दिनों में सोना करीब ₹7 हजार तक सस्ता हो चुका है।
इसी तरह चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी का भाव लगभग ₹13 हजार घटकर ₹2.58 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया है। इससे पहले इसका दाम करीब ₹2.71 लाख प्रति किलो था। इस तरह सिर्फ दो दिनों के भीतर चांदी की कीमत में करीब ₹32 हजार की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग के कारण देखने को मिली है।
हालांकि मौजूदा गिरावट के बावजूद साल 2026 में सोना और चांदी दोनों ही अब तक काफी महंगे हो चुके हैं। पिछले साल के अंत यानी 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत लगभग ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर करीब ₹1.60 लाख तक पहुंच गई है। इस हिसाब से इस साल अब तक सोना करीब ₹26 हजार महंगा हो चुका है।
इसी तरह चांदी की कीमत भी पिछले कुछ महीनों में काफी ऊपर गई है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी का भाव लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब बढ़कर करीब ₹2.57 लाख से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है। यानी इस साल अब तक चांदी करीब ₹27 हजार तक महंगी हो चुकी है, हालांकि पिछले दो दिनों में इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगी। पहला कारक मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अगर Iran और United States के बीच तनाव और बढ़ता है या कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
दूसरा बड़ा कारक अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े हैं। अगर अमेरिका के आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं, तो डॉलर मजबूत हो सकता है। मजबूत डॉलर का असर आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव के रूप में पड़ता है और इससे सोना सस्ता हो सकता है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जो लोग सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले हमेशा प्रमाणित यानी हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए। भारत में सोने की शुद्धता की जांच के लिए Bureau of Indian Standards का हॉलमार्क अनिवार्य माना जाता है। इस हॉलमार्क के जरिए यह पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है।
इसके अलावा सोना खरीदते समय उसकी कीमत को अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जांच लेना भी जरूरी होता है। क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है और बाजार में उतार-चढ़ाव भी लगातार होता रहता है।