जशपुर में हाथियों का आतंक, 10 हाथियों के दल ने गांव में मचाया उत्पात; मकान, बाइक और फसलें बर्बाद

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के सारसमार गांव में पिछले एक सप्ताह से 10 हाथियों का दल ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। आए दिन गांव में घुसकर हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। बीती रात भी हाथियों के इस दल ने गांव में जमकर उत्पात मचाया और एक मकान के साथ बाइक और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार देर रात हाथियों का झुंड अचानक सारसमार गांव में घुस आया। गांव में घुसते ही हाथियों ने एक घर को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। घर की दीवारों को तोड़ने के साथ-साथ अंदर रखा सामान भी बर्बाद कर दिया गया। इतना ही नहीं, हाथियों ने घर के भीतर रखे अनाज को भी खा लिया, जिससे पीड़ित परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

हाथियों का कहर केवल घर तक ही सीमित नहीं रहा। खेतों में पहुंचकर उन्होंने किसानों की खड़ी फसलों को भी रौंद दिया। धान और आलू की फसल को हाथियों ने पूरी तरह नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हाथियों का यह दल आसपास के जंगलों और गांवों में घूम रहा है। हाथियों की आवाजाही के कारण गांव में डर का माहौल है और लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। कई परिवारों को रात के समय घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर रहने की भी नौबत आ रही है।

गांव के लोगों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि हाथियों को भगाने के लिए टॉर्च, मशाल या अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में ग्रामीण खुद ही अपने स्तर पर हाथियों से घर और खेतों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नुकसान को रोक पाना मुश्किल हो रहा है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और गांव में हुए नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है। विभाग की ओर से ग्रामीणों को रात के समय सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था करने की भी कोशिश की जा रही है।

फिलहाल वन विभाग की टीम इलाके में मौजूद है और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है। साथ ही प्रभावित किसानों और परिवारों को हुए नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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