हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में शनिवार को नर्सिंग कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया में अचानक किए गए बदलाव के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में नर्सिंग की तैयारी कर रहे छात्र परिसर में एकत्र हो गए और प्रशासन व सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि आक्रोशित छात्रों ने वीसी कार्यालय के गेट को तोड़ दिया और अंदर घुसकर अपना विरोध दर्ज कराया।
छात्रों का मुख्य विरोध नर्सिंग एडमिशन की प्रक्रिया में किए गए बदलाव को लेकर है। प्रशासन ने पहले जहां दाखिले के लिए सीईटी यानी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का प्रावधान रखा था, वहीं अब अचानक इसे हटाकर नीट यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि इस फैसले से उनकी पूरी तैयारी और मेहनत पर पानी फिर गया है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अनुसार डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (DMER) ने 2 मार्च को और पीजीआई प्रशासन ने 3 मार्च को नोटिस जारी कर यह जानकारी दी कि अब नर्सिंग कोर्स में दाखिला नीट के आधार पर होगा। जबकि नीट के लिए आवेदन की अंतिम तिथि केवल 8 मार्च तय की गई है। छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में आवेदन प्रक्रिया पूरी करना बेहद मुश्किल है।
छात्रों ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से सीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, जिसका सिलेबस नीट से पूरी तरह अलग है। ऐसे में अचानक नियम बदलने से हजारों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के यह फैसला लिया, जिससे छात्रों के साथ अन्याय हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान छात्र करीब ढाई घंटे तक वीसी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी करते रहे और प्रशासन से बातचीत की मांग करते रहे। लेकिन जब काफी देर तक कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया, तो सुरक्षाकर्मियों ने कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। इससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने गेट को तोड़कर अंदर प्रवेश कर लिया।
इसके बाद छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान वीसी ने साफ कहा कि यह फैसला पूरी तरह सरकार का है और पीजीआई प्रशासन इस मामले में सीईटी आयोजित करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने केवल इतना आश्वासन दिया कि छात्रों की मांग और ज्ञापन को DMER तक भेज दिया जाएगा।
छात्र संगठनों ने इस फैसले को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। छात्र संगठन एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित ने कहा कि सरकार को तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और नर्सिंग कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया पहले की तरह सीईटी के माध्यम से ही कराई जानी चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। छात्रों ने सोमवार को पंचकूला स्थित DMER कार्यालय के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है।