छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक नई तहसील का गठन किया गया है। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 मार्च को अधिसूचना जारी कर नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील के रूप में अस्तित्व में लाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले के साथ अब रायपुर जिले में प्रशासनिक ढांचे का विस्तार हो गया है और नवा रायपुर क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नई तहसील के गठन से पहले इसकी सीमाओं को लेकर प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके तहत 60 दिनों की अवधि में आम लोगों से दावा और आपत्तियां भी मंगाई गई थीं। निर्धारित समय के बाद सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी, जिसके बाद नवा रायपुर अटल नगर को आधिकारिक रूप से नई तहसील का दर्जा मिल गया।
अधिसूचना के अनुसार रायपुर जिले की मौजूदा तहसीलों रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा और अभनपुर के कुछ हिस्सों को मिलाकर यह नई तहसील बनाई गई है। नवा रायपुर तहसील के अंतर्गत कुल छह राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल किए गए हैं। इनमें पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेड़ी और रायपुर-18 कांदुल राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल हैं।
इन छह राजस्व निरीक्षक मंडलों के अंतर्गत कुल 20 पटवारी हल्के बनाए गए हैं। पलौद मंडल में 20, 21, 23, 24, 25 और 26 नंबर के पटवारी हल्के शामिल हैं, जबकि मंदिर हसौद मंडल में 15 से 22 तक के पटवारी हल्के रखे गए हैं। केंद्री मंडल में 13, 14, 15, 16, 18 और 19 नंबर के पटवारी हल्के शामिल किए गए हैं। इसके अलावा तोरला मंडल के 1 और 2 नंबर के हल्के, सेरीखेड़ी मंडल के 16, 39 और 40 नंबर के हल्के तथा रायपुर-18 कांदुल मंडल का 51 नंबर का पटवारी हल्का भी इसमें जोड़ा गया है।
इन 20 पटवारी हल्कों के अंतर्गत कुल 39 गांवों को नवा रायपुर तहसील में शामिल किया गया है। पलौद क्षेत्र के अंतर्गत परसदा, पलौद, रीको, सेंध, चींचा, बरौंदा, रमचंडी, कयाबांधा, झांझ, नवागांव, खपरी, कुहेरा, राखी, कोटनी, कोटराभांटा और तांदुल जैसे गांव शामिल किए गए हैं। मंदिर हसौद क्षेत्र में छतौना और नवागांव को शामिल किया गया है।
केंद्री क्षेत्र के अंतर्गत बेंद्री, परसठ्ठी, निमोरा, उपरवारा, तूता, केंद्री, झांकी, खंडवा, भेलवाडीह और पचेड़ा गांव को नई तहसील का हिस्सा बनाया गया है। वहीं तोरला क्षेत्र के अंतर्गत चेरिया, पौंता, बंजारी, तेंदुआ और कुरूं गांव शामिल किए गए हैं।
सेरीखेड़ी मंडल में सेरीखेड़ी, नकटी, टेमरी, धरमपुरा और बनरसी गांव को शामिल किया गया है। इसके अलावा रायपुर-18 कांदुल मंडल के अंतर्गत माना क्षेत्र भी इस नई तहसील का हिस्सा बनाया गया है।
नई तहसील बनने से इन सभी गांवों के लोगों को अब राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।