छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी गतिविधियों के कमजोर पड़ने के संकेत लगातार मिल रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को तेलंगाना में बड़ी संख्या में माओवादी कैडर आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार कुल 124 माओवादी कार्यकर्ता तेलंगाना सरकार के सामने हथियार डालेंगे। यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम मुख्यमंत्री रेवन्थ रेड्डी की मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के कई अहम सदस्य भी शामिल हैं। इनमें पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी यानी PLGA कमांडर टीम के सदस्य भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में सरेंडर कर चुके माओवादी संगठन के चीफ देवजी से जुड़े कई कैडर भी इस समूह में शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार सरेंडर करने वाले अधिकांश माओवादी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और लंबे समय से नक्सल संगठन के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के कमजोर पड़ने का एक बड़ा संकेत हो सकता है।
यह कार्यक्रम हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में स्थित ICCC सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान तेलंगाना सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
कार्यक्रम के बाद शाम करीब चार बजे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवन्थ रेड्डी मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों से जुड़ी जानकारी और राज्य सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा से लगे इलाकों में लगातार सुरक्षा अभियानों और सरकार की पुनर्वास योजनाओं के कारण कई माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ऐसे में 124 माओवादियों का एक साथ आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।