राज्यपाल ने ‘GSTAT लिटिगेशन गाइड’ ई-पुस्तक का किया विमोचन:बोले- न्याय तक पहुंच लोकतंत्र की आधारशिला, अधिवक्ता विवेक सारस्वत ने लिखी पुस्तक

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छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने 8 मार्च को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) पर आधारित ई-पुस्तक ‘GSTAT लिटिगेशन गाइड’ का विमोचन किया। यह ई-पुस्तक देशभर के करदाताओं, अधिवक्ताओं और कर प्रशासन से जुड़े लोगों के लिए सारस्वत एसोसिएट्स के वेब पोर्टल www.cggst.com पर निशुल्क उपलब्ध कराया गया है।

ई-पुस्तक के लेखक अधिवक्ता विवेक सारस्वत हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2022 और बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। सह-लेखकों के रूप में अधिवक्ता बीना सिंह गौतम, अधिवक्ता आस्था तिवारी और प्रियांश शर्मा का योगदान भी इसमें शामिल है।

न्याय तक पहुंच लोकतंत्र की आधारशिला

पुस्तक की भूमिका में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि न्याय तक पहुंच किसी भी लोकतांत्रिक गणराज्य की आधारशिला होती है और विधि जगत उसकी महत्वपूर्ण संस्था है। GSTAT की स्थापना को उन्होंने देश की राजकोषीय न्याय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो करदाताओं को विशेषज्ञ, सुव्यवस्थित और समयबद्ध न्यायिक समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।

जटिल प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया

भूमिका में उन्होंने कहा कि यह मार्गदर्शिका CGST अधिनियम 2017, CGST प्रक्रिया नियम 2017 और GSTAT प्रक्रिया नियम 2025 के प्रावधानों को स्पष्ट रूप से समझाती है। इसमें प्री-डिपॉजिट की गणना, अंतरवर्ती आवेदनों की प्रक्रिया और ई-फाइलिंग पोर्टल जैसे विषयों को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का फ्लिप पैटर्न पाठकों को भौतिक पुस्तक जैसा अनुभव देता है।

GSTAT प्रक्रिया की पूरी जानकारी

ई-पुस्तक में GSTAT के समक्ष होने वाली कानूनी प्रक्रिया से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें CGST अधिनियम और GSTAT प्रक्रिया नियमों की विस्तृत जानकारी, प्री-डिपॉजिट की गणना, अंतरवर्ती आवेदन, ई-फाइलिंग की पूरी प्रक्रिया और चरणबद्ध मार्गदर्शन दिया गया है। सरल भाषा और व्यवस्थित प्रस्तुति इसे विधि क्षेत्र के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री बनाती है।

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