Meta Pixel

बेलतरा की 75 साल पुरानी सिंचाई योजना को हरी झंडी:48.92 करोड़ की स्वीकृति, 1800 हेक्टेयर खेतों की होगी सिंचाई

Spread the love

बेलतरा की नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना को 75 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। इस योजना के लिए 48.92 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे लगभग 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के प्रयासों से यह योजना स्वीकृत हुई है। उन्होंने योजना को पूर्ण करने के लिए मिली प्रशासकीय स्वीकृति पर मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

लिफ्ट इरिगेशन प्रणाली विकसित की जाएगी

विधायक शुक्ला ने बताया कि नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना के तहत लिफ्ट इरिगेशन प्रणाली विकसित की जाएगी। इस पद्धति में जल स्रोत से पानी को पंप या मोटर की सहायता से ऊपर उठाकर पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाता है, जिससे ऊंचाई पर स्थित खेतों को भी पानी मिल सकेगा।

योजना से बढ़ेगी कृषि उत्पादकता

इस योजना के अंतर्गत खारंग जलाशय से सोलर पंप और पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1400 हेक्टेयर खरीफ और 400 हेक्टेयर रबी, कुल 1800 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन को नई गति मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के कई गांव खूंटाघाट बांध के समीप होने के बावजूद लगभग 75 वर्षों से सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। किसानों को कृषि कार्यों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए विधायक सुशांत शुक्ला ने लगातार पहल की थी, जिसके परिणामस्वरूप अब इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति मिली है।

15 गांव के किसनो को मिलेगा सिंचाई योजना का लाभ

इस योजना से नेवसा, गिधौरी, कर्रा, जाली, टेकर, गढ़वट, अकलतरी, बाम्हु, बेलतरा, कड़री, सलखा, लिम्हा सहित 15 से अधिक ग्रामों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। सिंचाई की बेहतर व्यवस्था से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए राज्य सरकार तथा विधायक सुशांत शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि इस योजना के क्रियान्वयन से बेलतरा क्षेत्र में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *