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भिलाई हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट की इनसाइड स्टोरी : पॉकेट मनी से शुरू हुई लत बनी आदत, महंगी शराब-सिगरेट की शर्त, 50+ के थे ज्यादातर ग्राहक…!!

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छत्तीसगढ़ के भिलाई में पकड़े गए हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, रैकेट पिछले तीन महीनों से दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में चल रहा था। जांच में सामने आया कि इसमें शामिल लड़कियों में कुछ छात्राएं भी हैं, जो अलग-अलग जिलों से आती थीं। शुरुआत में यह काम महंगे शौक और पॉकिट मनी के लिए शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह पूरी तरह व्यवस्थित नेटवर्क में बदल गया। शहर से बाहर जाने पर लड़कियों की डिमांड रहती थी कि उन्हें महंगी शराब और ब्रांडेड सिगरेट दी जाए। उनके ज्यादातर ग्राहक 50 साल से ऊपर उम्र के थे।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रैकेट संचालक धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह को गिरफ्तार किया था। 7 लड़कियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एक ग्राहक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

पुलिस का कहना है कि रैकेट का नेटवर्क सिर्फ भिलाई तक सीमित नहीं था, इसके कई तार शहर के बाहर भी फैले हुए थे। लड़कियां देहव्यापार के दलदल में कैसे फंसीं और वजह क्या थी पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी:-

पढ़ाई और नौकरी के लिए भिलाई आती हैं लड़कियां

पुलिस की जांच और शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि छत्तीसगढ़ के आसपास के जिलों की कई युवतियां पढ़ाई या नौकरी के नाम पर भिलाई आती हैं। यहां आकर वे अन्य युवतियों की जीवनशैली देखकर अपने खर्च भी बढ़ा लेती हैं।

आर्थिक दबाव के बीच कुछ युवतियां ऐसे रैकेट से जुड़े दलालों के संपर्क में आ जाती हैं। शुरुआत में मजबूरी में शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे आदत और फिर शौक में बदल जाता है।

बंगाल और छत्तीसगढ़ के जिलों की लड़कियां शामिल

इस रैकेट में शामिल युवतियां अलग-अलग स्थानों से भिलाई आई थीं। कुछ दूसरे राज्यों से नौकरी की तलाश में आई थीं, जबकि छत्तीसगढ़ के कई जिलों की छात्राएं पढ़ाई के लिए यहां रह रही थीं। पकड़ी गई युवतियों में दो सिलीगुड़ी और एक दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) से आई थीं।

इसके अलावा बिलासपुर, बालोद, जशपुर और कोरबा से भी एक-एक युवती यहां रह रही थी। इनमें से कई लड़कियां भिलाई में किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई कर रही थीं।

महंगी शराब और सिगरेट भी होती थी शर्त

सेक्स रैकेट में शामिल अधिकतर लड़कियों की कहानी लगभग एक जैसी ही बताई जा रही है। सभी ने किसी न किसी मजबूरी के कारण इस काम की शुरुआत की थी, लेकिन समय के साथ यह उनके लिए एक आदत या शौक बनता चला गया।

ग्राहकों के सामने लड़कियों की पहली शर्त महंगी शराब होती है। वे ब्रांडेड शराब की मांग करती हैं, जिसकी कीमत करीब 2500 से 5000 रुपए तक होती है। इसके अलावा सिगरेट की भी अलग से शर्त रखी जाती है। ये सभी चीजें एक रात की तय कीमत में शामिल नहीं होतीं।

ऐसे तय होता था पूरा सौदा

धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह भिलाई में किराए के मकान में रहकर यह रैकेट चला रही थी। उसके मोबाइल नंबर से ही युवतियों की तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए से ग्राहकों को भेजी जाती थी। तस्वीरों के साथ ही कीमत भी लिखी होती थी। ग्राहक की पसंद के अनुसार फोन पर ही सौदा तय किया जाता था।

इसके बाद क्यूआर कोड भेजकर एडवांस भुगतान लिया जाता था। पूरी रकम कैश या ऑनलाइन मिलने के बाद युवती को ग्राहक तक भेजा जाता था। इसके लिए महिला ने एक व्यक्ति भी रखा हुआ था, जो सौदा तय होने के बाद युवतियों को ग्राहक तक पहुंचाता था। कई बार रीना सिंह खुद भी युवतियों को छोड़ने जाती थी।

लड़कियों को मिलता था इतना पैसा

इस पूरे नेटवर्क में दलालों की भूमिका प्रमुख होती है। ग्राहकों से एक युवती के लिए 6 हजार से 10 हजार रुपए तक में सौदा तय होता था। इसमें से युवतियों को करीब 4 से 6 हजार रुपये दिए जाते थे। यह राशि ग्राहक और युवती के आधार पर तय होती थी।

दूसरे राज्यों से आई युवतियों की कीमत अधिक बताई गई, जबकि स्थानीय युवतियों की कीमत कम रहती थी। यह रकम सामान्य तौर पर एक दिन या एक रात के लिए तय होती थी, जबकि अधिक दिनों के लिए राशि बढ़ जाती थी।

ज्यादातर ग्राहक 50 साल से अधिक उम्र के

हाल के दिनों में दुर्ग जिले और रायपुर में सामने आए कई मामलों में यह बात सामने आई है कि अधिकांश ग्राहक 50 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं। जांच में यह भी पता चला है कि कुछ ग्राहक युवतियों को बाहर दूसरे राज्यों में धार्मिक या पर्यटन स्थलों पर भी लेकर जाते थे।

इनमें पुरी, राजस्थान, गोवा, विशाखापट्टनम, अहमदाबाद और महाराष्ट्र के कुछ स्थानों के नाम सामने आए हैं। कई मामलों में दो से तीन दिन के पैकेज के रूप में सौदा तय किया जाता था।

दिखावे के लिए चलाती थी बुटिक

भिलाई में किराए के मकान से यह रैकेट चलाने वाली महिला लोगों की नजरों से बचने के लिए सुपेला क्षेत्र में एक बुटिक सेंटर भी चलाती थी। यह बुटिक केवल दिखावे के लिए था। कुछ युवतियों को उसने वहां काम के बहाने बैठाकर रखा हुआ था।

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि रैकेट चलाने वाली महिला बाहर से युवतियों को बुलाकर यहां कमरों में रखती थी। ग्राहकों से सौदा तय होने के बाद उन्हें दो से तीन दिन के लिए बाहर भेजा जाता था। फिलहाल पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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