दुर्ग में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में घरेलू गैस और डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। लेकिन, जमीनी हालात इससे अलग नजर आ रहे हैं। कई उपभोक्ता ऐसे हैं जो 15-15 दिन से बुकिंग की कोशिश कर रहे हैं, फिर भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कई गैस एजेंसियों में सर्वर की समस्या और बुकिंग में देरी के कारण लोगों को एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ ग्राहकों का कहना है कि नंबर लगने के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इससे आम लोगों के साथ-साथ होटल और छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। भिलाई में सबसे ज्यादा दिक्कत कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर सामने आ रही है। पिछले दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद है।ऐसे में बुधवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटरों की बैठक लेकर जिले में गैस की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद
जिले के कई होटलों और ढाबों में पिछले दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद बताई जा रही है। इससे होटल कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर कुछ दिन और ऐसी ही स्थिति रही तो खाना बनाने और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ सकता है।
अस्पताल, हॉस्टल और अन्य बड़ी संस्थाओं में भी गैस की कमी को लेकर चिंता शुरू हो गई है।
सर्वर डाउन होने से बढ़ी परेशानी
भिलाई की ऋतुराज गैस एजेंसी के मैनेजर मनीष कुमार वैष्णव ने बताया कि इन दिनों सर्वर की समस्या चल रही है। पिछले तीन दिनों से सर्वर बार-बार डाउन हो रहा है। सुबह कुछ देर चलता है, फिर बंद हो जाता है। इसकी वजह से बुकिंग की पर्ची नहीं निकल पा रही है और होम डिलीवरी की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी बंद है। पहले महीने में दो बार सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब बुकिंग के बीच का समय करीब 26 दिन कर दिया गया है।
15 दिनों से बुकिंग की कोशिश, फिर भी सिलेंडर नहीं
उपभोक्ता सूर्या का कहना है कि वे पिछले 15 दिनों से ऑनलाइन बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार सर्वर की समस्या बताकर लौटा दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि अब तक सिलेंडर नहीं मिला है और यह भी साफ नहीं बताया जा रहा कि कब मिलेगा। अगर जल्दी सिलेंडर नहीं मिला तो मजबूरी में उन्हें बाहर से ब्लैक में महंगे दाम पर खरीदना पड़ सकता है।
6 दिन पहले नंबर लगाया, अभी तक नहीं मिला सिलेंडर
सुपेला आकाशगंगा के व्यापारी नंदलाल दत्ता ने बताया कि वे अपनी दुकान में कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करते हैं। उन्होंने पांच-छह दिन पहले बुकिंग कराई थी, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला।
उनका कहना है कि उनका छोटा कारोबार इसी पर चलता है और सिलेंडर नहीं मिलने से रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है।
कलेक्टर ने सप्लाई पर निगरानी के दिए निर्देश
कलेक्टर ने बताया कि उज्ज्वला योजना समेत जिले में करीब 4 लाख गैस कनेक्शन हैं और वर्तमान में रोजाना करीब 9,750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस की सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखें, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और किसी तरह की कालाबाजारी न हो सके।
जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता
बैठक में यह भी बताया गया कि फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर सिर्फ जरूरी संस्थानों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को ही दिए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है। जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द गैस एजेंसी जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर लें। किसी भी तरह की शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं।