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फोर्ब्स 2026 लिस्ट में भारत के अरबपतियों की संख्या 229 पहुंची, लक्ष्मी मित्तल की संपत्ति में सबसे तेज बढ़ोतरी

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वैश्विक पत्रिका Forbes की ‘वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स 2026’ सूची के अनुसार भारत में अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले एक वर्ष में देश में 24 नए अरबपति जुड़े हैं, जिसके बाद कुल संख्या बढ़कर 229 हो गई है। यह आंकड़ा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और स्टॉक मार्केट में आए उछाल को भी दर्शाता है।

इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा स्टील उद्योगपति Lakshmi Mittal की रही, जिनकी संपत्ति में इस साल सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनकी कंपनी ArcelorMittal के शेयरों में 80 प्रतिशत से अधिक की तेजी आने से उनकी कुल संपत्ति बढ़कर लगभग 31 अरब डॉलर यानी करीब 2.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

पिछले एक साल के दौरान उनकी संपत्ति में करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 1.85 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अगर इस वृद्धि को औसतन देखा जाए तो उन्होंने बीते एक साल में प्रतिदिन लगभग 274 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसी वजह से वे अब भारत के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

इस सूची में तीसरे स्थान पर Savitr Jindal हैं, जो OP Jindal Group की चेयरपर्सन हैं। वह देश की सबसे अमीर महिला भी बनी हुई हैं। फोर्ब्स की इस सूची में कुल 20 भारतीय महिला अरबपतियों को जगह मिली है।

इस साल टॉप-10 अमीरों की सूची में एक नया नाम भी जुड़ा है। Uday Kotak, जो Kotak Mahindra Bank के संस्थापक हैं, पहली बार शीर्ष दस अरबपतियों में शामिल हुए हैं। हाल ही में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। उनकी इस एंट्री के बाद डीएलएफ से जुड़े प्रॉपर्टी डेवलपर कुशल पाल सिंह सूची में 12वें स्थान पर खिसक गए हैं।

नई पीढ़ी के उद्यमियों की भी इस सूची में मजबूत मौजूदगी दिखाई दी है। एडटेक कंपनी PhysicsWallah के संस्थापक Alakh Pandey और Prateek Maheshwari पहली बार अरबपतियों की सूची में शामिल हुए हैं। कंपनी के आईपीओ के बाद उनकी संपत्ति में तेजी से वृद्धि हुई, जिसके चलते वे इस क्लब में प्रवेश कर पाए।

इसके अलावा Vijay Shekhar Sharma भी तीन साल बाद दोबारा अरबपतियों की सूची में लौट आए हैं। उनकी कंपनी Paytm के शेयर पिछले एक साल में करीब 60 प्रतिशत तक बढ़े हैं। हालांकि अभी भी यह शेयर अपने आईपीओ मूल्य के लगभग आधे स्तर पर कारोबार कर रहा है।

गौरतलब है कि Forbes India ने पहली बार 2009 में भारत की रिच लिस्ट जारी की थी। यह सूची विभिन्न कंपनियों की शेयरहोल्डिंग, वित्तीय आंकड़ों, स्टॉक एक्सचेंज के डेटा और बाजार विश्लेषण के आधार पर तैयार की जाती है। अरबपतियों की कुल संपत्ति की गणना अमेरिकी डॉलर में की जाती है।

कुल मिलाकर 2026 की यह सूची दिखाती है कि भारत में उद्योग, तकनीक और वित्तीय क्षेत्र में तेजी से नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यही वजह है कि पारंपरिक उद्योगपतियों के साथ-साथ नई पीढ़ी के स्टार्टअप फाउंडर्स भी अब अरबपतियों की सूची में अपनी जगह बना रहे हैं।

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