छत्तीसगढ़ के Bijapur district से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां तीन स्कूली छात्राओं के गर्भवती होने की खबर से प्रशासन और स्थानीय लोगों में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि यह मामला गंगालुर क्षेत्र से जुड़ा है और जिन छात्राओं का जिक्र हो रहा है उनमें दो 12वीं कक्षा की और एक 11वीं कक्षा की छात्रा शामिल है। जानकारी के अनुसार इन छात्राओं ने हाल ही में अपनी परीक्षाएं भी दी हैं और बताया जा रहा है कि वे करीब पांच महीने की गर्भवती हैं।
मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसकी जांच कराने की बात कही है। बीजापुर के कलेक्टर Sambit Mishra ने बताया कि छात्राएं किसी आवासीय छात्रावास में नहीं रह रही थीं और वे घर से रहकर परीक्षा दे रही थीं। उन्होंने कहा कि जिन छात्राओं को पोटाकेबिन छात्रावास में पढ़ने वाली बताया जा रहा है, उस संबंध में जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वे वहां निवासरत नहीं थीं।
प्रशासन के अनुसार 11वीं की एक छात्रा का नाम पोटाकेबिन गंगालुर से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन वह पिछले वर्ष अक्टूबर से अनुपस्थित है। कलेक्टर का कहना है कि छात्राएं किसी रेजिडेंशियल छात्रावास से संबंधित नहीं थीं, इसलिए छात्रावास अधीक्षिका पर कार्रवाई का सवाल फिलहाल नहीं उठता। मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ सूत्रों का दावा है कि छात्राएं पहले छात्रावास से जुड़ी थीं और गर्भवती होने के बाद उन्हें वहां से हटाया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस भी क्षेत्र में सक्रिय हो गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने गंगालुर क्षेत्र में जाकर कुछ लोगों से पूछताछ भी की है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इस मामले में छात्रावास की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि गर्भवती छात्राओं में से एक नाबालिग भी हो सकती है, हालांकि प्रशासन ने इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। छात्रावास से जुड़ी अधीक्षिका ने भी इस मामले में अनभिज्ञता जताते हुए कहा है कि यह घटना उनके कार्यकाल से संबंधित नहीं है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी एक प्रेस नोट में कहा गया है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि जिन दो छात्राओं का उल्लेख किया गया है वे पोटाकेबिन हाईस्कूल छात्रावास में न तो पढ़ाई कर रही थीं और न ही वहां रह रही थीं। वे गैर-आवासीय विद्यालय की छात्राएं थीं। वहीं जिस छात्रा के छात्रावास से जुड़े होने की बात कही जा रही है, वह पिछले पांच महीनों से अनुपस्थित बताई गई है।
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। Deepak Baij ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से एक जांच समिति बनाई जाएगी, जो मौके पर जाकर पूरे मामले की जानकारी जुटाएगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि छात्राएं इस स्थिति में कैसे पहुंचीं और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।