मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर चिंता का माहौल दिखाई दे रहा है। कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और कुछ जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि सप्लाई सामान्य है और घबराने की जरूरत नहीं है।
राज्य के Bilaspur और Raigarh समेत कई जिलों में सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। तेज धूप के बावजूद लोग घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण परेशानियां बढ़ गई हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। बिलासपुर में कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें गैस सिलेंडर पाने के लिए करीब 1500 रुपये तक देकर ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है। ऑनलाइन बुकिंग कराने के बावजूद कई लोगों का नंबर नहीं लग पा रहा है, जिससे उनकी समस्या और बढ़ रही है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने का असर होटल और ढाबा कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर गैस की कमी के कारण होटल संचालकों ने फिर से कोयले की भट्टी और लकड़ी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसके चलते बाजार में लकड़ी और कोयले की मांग भी अचानक बढ़ गई है।
राज्य के अन्य शहरों में भी गैस को लेकर चिंता का माहौल देखा गया। हालांकि Raipur, Bhilai और Ambikapur जैसे शहरों में पहले की तुलना में भीड़ कुछ कम बताई जा रही है।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई भी लगातार आ रही है। उनके अनुसार अफवाहों और संभावित संकट की खबरों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक भीड़ बढ़ रही है।
एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराहट में गैस लेने के लिए एजेंसी न पहुंचें और अपनी बुकिंग के अनुसार ही सिलेंडर प्राप्त करें। उनका कहना है कि सप्लाई सामान्य है और जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।



