दुर्ग, 16 मार्च 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला सशक्तिकरण केन्द्र दुर्ग द्वारा परियोजना दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम ग्राम सिलोदा, ग्राम पंचायत खपरी की निवासी गीतांजली साहू के जीवन में देखने को मिला। गीतांजली साहू पति देवेंद्र कुमार साहू ने बताया कि जब वह गर्भवती थीं, तब महिला सशक्तिकरण केन्द्र की टीम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी और उनका पंजीयन कराया गया।
गर्भावस्था के पांचवें माह में उन्हें योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 3000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। प्रारंभ में गीतांजली का वजन मात्र 38 किलोग्राम था और उनका हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने पोषण के लिए किया। उन्होंने अपने आहार में अंकुरित अनाज, सलाद, फल और दूध को शामिल किया। संतुलित आहार और नियमित देखभाल के कारण गर्भावस्था के नौवें माह तक उनका वजन लगभग 8 किलोग्राम बढ़ गया और हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया। 23 नवंबर 2025 को गीतांजली ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया, जिसका वजन 2.50 किलोग्राम था। जन्म के बाद भी उन्होंने बच्चे को नियमित स्तनपान कराया, जिससे एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर लगभग 3.5 किलोग्राम हो गया। गीतांजली साहू ने गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा दी जा रही इस सहायता राशि और योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहती है कि समय पर मिली जानकारी और पोषण सहायता से उन्हें स्वस्थ मातृत्व प्राप्त हुआ।