हॉलीवुड के सबसे बड़े सम्मान 98th Academy Awards में इस बार सिर्फ ग्लैमर ही नहीं, बल्कि विवाद भी देखने को मिला। समारोह के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में दुनिया भर के दिवंगत कलाकारों को श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन बॉलीवुड के दिग्गज Dharmendra का नाम इसमें शामिल नहीं होने से नाराजगी का माहौल बन गया। यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और फैंस के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग भी हैरान रह गए।
15 मार्च को Dolby Theatre में आयोजित इस भव्य समारोह में दुनियाभर के सिनेमा सितारों को याद किया गया, लेकिन हिंदी सिनेमा के ‘हीमैन’ को नजरअंदाज कर दिया गया। जैसे ही यह बात सामने आई, फैंस ने इसे बड़ी चूक बताते हुए अकादमी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
इस पूरे विवाद के बीच सबसे कड़ी प्रतिक्रिया आई उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री Hema Malini की तरफ से। उन्होंने इस अनदेखी को सीधे-सीधे शर्मनाक करार दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने बड़े कलाकार, जिन्हें दुनिया भर में पहचान और सम्मान मिला, उन्हें इस तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनके मुताबिक, धर्मेंद्र सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय थे और उन्हें याद न करना कहीं न कहीं सिनेमा के इतिहास के साथ न्याय नहीं है।
हालांकि हेमा मालिनी ने यह भी साफ किया कि Dharmendra को कभी अवॉर्ड्स की लालसा नहीं रही। उन्होंने अपने करियर में कम अवॉर्ड मिलने की बात को भी सहजता से लिया और हमेशा दर्शकों के प्यार को ही सबसे बड़ा सम्मान माना। उन्होंने यह भी कहा कि खुद उन्हें भी ‘लाल पत्थर’ और ‘मीरा’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय के बावजूद बड़े पुरस्कार नहीं मिले, लेकिन इससे उनके काम की अहमियत कम नहीं होती।
दिलचस्प बात यह रही कि जहां टीवी प्रसारण में धर्मेंद्र का नाम नहीं दिखा, वहीं Academy of Motion Picture Arts and Sciences की आधिकारिक ऑनलाइन सूची में उनका नाम शामिल था। इस सूची में भारतीय सिनेमा के कई और नाम भी मौजूद थे, जिससे यह साफ हुआ कि पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया गया, लेकिन लाइव मंच पर उनका जिक्र न होना ही विवाद की वजह बना।
बता दें कि Dharmendra का नवंबर 2025 में 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। उनके जाने के साथ ही भारतीय सिनेमा ने अपने एक ऐसे सितारे को खो दिया, जिसने दशकों तक अपनी दमदार एक्टिंग और व्यक्तित्व से दर्शकों के दिलों पर राज किया।
कुल मिलाकर, यह विवाद सिर्फ एक नाम छूटने का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या वैश्विक मंचों पर भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को वह सम्मान मिल पा रहा है, जिसके वे हकदार हैं।