दिल्ली के Patiala House Court में एआई समिट के दौरान हुए चर्चित शर्टलेस प्रदर्शन मामले ने अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर तूल पकड़ लिया है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Vikas Chikara ने इस मामले में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट 20 मार्च को सुनवाई करेगा।
यह पूरा मामला 20 फरवरी को Bharat Mandapam में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्ट उतारकर विरोध दर्ज कराया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी थी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस प्रदर्शन के पीछे पहले से योजना बनाई गई थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारी काले छाते और प्रिंटेड मैसेज वाले स्टिकर के साथ कार्यक्रम में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी। वे सामान्य कपड़ों में पहुंचे और सही समय पर टी-शर्ट उतारकर विरोध जताया।
इस मामले में Vikas Chikara के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि उन्होंने इस पूरे प्रदर्शन की साजिश रची थी। वहीं कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से पहले दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इसी केस में यूथ कांग्रेस से जुड़े अन्य नेताओं की कानूनी स्थिति भी चर्चा में है। Manish Sharma की अग्रिम जमानत पर 18 मार्च को फैसला आना है, जबकि एक अन्य आरोपी राजीव कुमार को 28 मार्च तक अंतरिम राहत मिली हुई है।
वहीं Uday Bhanu Chib को पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन सेशंस कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी। बाद में Delhi High Court ने इस रोक को हटाते हुए उन्हें राहत दी।
घटना के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए साजिश और सुरक्षा उल्लंघन के एंगल से जांच कर रही है।
कुल मिलाकर, यह मामला अब सिर्फ एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कानून, राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था तीनों के सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाली सुनवाई में यह साफ होगा कि आरोपियों को राहत मिलती है या जांच का शिकंजा और कसता है।