भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन मजबूती दिखाते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को बाजार हरे निशान में बंद हुआ और दिनभर की खरीदारी ने एक सकारात्मक माहौल तैयार किया। बीएसई का सेंसेक्स करीब 568 अंकों की बढ़त के साथ 76,070 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 23,550 के अहम स्तर को पार करते हुए 23,581 के आसपास क्लोज हुआ। इस तेजी ने यह संकेत दिया है कि हालिया गिरावट के बाद बाजार अब रिकवरी मोड में आ चुका है।
इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह वैल्यू बाइंग रही। पिछले दिनों बाजार में आई गिरावट के कारण कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर पहुंच गए थे, जिसका फायदा उठाते हुए निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। खासतौर पर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर में जोरदार तेजी देखने को मिली। इन सेक्टर्स में आई खरीदारी ने पूरे बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई और बाजार की धारणा को सकारात्मक बना दिया।
सिर्फ घरेलू कारण ही नहीं, बल्कि वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को मजबूती दी। एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए, जिससे भारतीय निवेशकों का मनोबल बढ़ा। ग्लोबल मार्केट से मिले इस सपोर्ट ने बाजार की दिशा तय करने में बड़ा योगदान दिया।
इसके अलावा, बाजार में डर और अनिश्चितता का स्तर भी घटा है। इंडिया VIX, जिसे फियर इंडेक्स कहा जाता है, करीब 6% गिरकर 20 के आसपास आ गया। इसका सीधा मतलब है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और वे अब ज्यादा आत्मविश्वास के साथ निवेश कर रहे हैं। जब वोलैटिलिटी कम होती है, तो बाजार में स्थिरता आती है और यही स्थिरता निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रेरित करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट बनता दिख रहा है, लेकिन आगे की चाल पूरी तरह ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। अगर ये फैक्टर्स अनुकूल रहे, तो बाजार आने वाले दिनों में और नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
फिलहाल, लगातार दो दिनों की इस तेजी ने बाजार में नई जान फूंक दी है और निवेशकों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह तेजी आने वाले समय में भी बरकरार रह पाएगी या नहीं।