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एडवांस टैक्स भरने के बाद ये 5 काम जरूर करें, वरना अटक सकता है रिफंड

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15 मार्च के साथ एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जमा करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है, लेकिन असली जिम्मेदारी अब शुरू होती है। जिन टैक्सपेयर्स की टैक्स देनदारी टीडीएस और अन्य क्रेडिट के बाद 10 हजार रुपये से ज्यादा थी, उनके लिए यह भुगतान जरूरी था। अब सबसे अहम काम यह है कि आपने जो टैक्स जमा किया है, वह सही तरीके से रिकॉर्ड हुआ है या नहीं—क्योंकि छोटी सी गलती भी आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है।

सबसे पहले आपको अपने टैक्स पेमेंट का स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए। इसके लिए आप NSDL OLTAS पोर्टल पर जाकर ‘CIN View’ के जरिए अपने चालान की जानकारी देख सकते हैं। यहां BSR कोड, चालान नंबर और तारीख डालते ही पूरी डिटेल सामने आ जाती है। इसके अलावा इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके फॉर्म 26AS और AIS में भी अपने पेमेंट का रिकॉर्ड चेक करना जरूरी है। यही वह डेटा है, जिसके आधार पर आपका ITR प्रोसेस होता है।

अगर इस दौरान आपको कोई गलती नजर आती है—जैसे PAN गलत दर्ज हो गया हो, असेसमेंट ईयर में गड़बड़ी हो या टैक्स टाइप गलत चुन लिया गया हो—तो घबराने की जरूरत नहीं है। अब इसे ऑनलाइन ही ठीक किया जा सकता है। ई-फाइलिंग पोर्टल पर ‘Services’ सेक्शन में जाकर ‘Challan Correction’ ऑप्शन के जरिए आप अपने चालान में जरूरी बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा सीमित समय के लिए ही उपलब्ध होती है, जो आमतौर पर 7 से 30 दिनों के बीच होती है।

अगर यह समय निकल जाता है, तो फिर आपको उस बैंक ब्रांच से संपर्क करना पड़ता है जहां आपने टैक्स जमा किया था। इसलिए बेहतर यही है कि समय रहते अपनी डिटेल्स को जांच लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधार कर लें।

कई बार ऐसा भी होता है कि टैक्सपेयर्स अनुमान से ज्यादा एडवांस टैक्स जमा कर देते हैं। ऐसे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह अतिरिक्त राशि आपको वापस मिल सकती है। जब आप ITR फाइल करेंगे, तो फॉर्म 26AS और AIS में दिख रही अतिरिक्त राशि को क्लेम कर सकते हैं। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद इनकम टैक्स विभाग यह पैसा आपके खाते में रिफंड के रूप में भेज देता है।

टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि एडवांस टैक्स भरने से पहले अपनी सालाना आय, सभी डिडक्शंस और टैक्स क्रेडिट का सही अनुमान जरूर लगाएं। इससे न सिर्फ गलतियां कम होंगी, बल्कि आपको अनावश्यक अतिरिक्त भुगतान से भी बचाव मिलेगा।

कुल मिलाकर, एडवांस टैक्स भरना ही काफी नहीं है—उसकी सही एंट्री और वेरिफिकेशन उतना ही जरूरी है। थोड़ी सी सतर्कता आपको भविष्य की बड़ी परेशानी से बचा सकती है।

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