चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले एक नए नियम ने देशभर में बहस छेड़ दी है। इस साल 19 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा से पहले बद्री-केदार मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दर्शन के नियमों में बदलाव किया है। अब गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले अपनी आस्था साबित करने के लिए एफिडेविट देना होगा।
इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा बॉलीवुड एक्ट्रेस Sara Ali Khan को लेकर हो रही है, जो अक्सर Kedarnath Temple में दर्शन के लिए जाती रही हैं। उनकी धार्मिक आस्था और मंदिरों में नियमित उपस्थिति किसी से छिपी नहीं है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें भी अब इस नए नियम के तहत एफिडेविट देना होगा।
बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के मुताबिक, जो भी व्यक्ति सनातन धर्म में आस्था रखता है, वह एफिडेविट देकर दर्शन कर सकता है। यानी नियम पूरी तरह से प्रतिबंधात्मक नहीं है, बल्कि आस्था के आधार पर अनुमति देने की व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि सारा अली खान जैसी हस्तियों को भी अगर दर्शन करना है, तो उन्हें इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
सारा का केदारनाथ से एक खास भावनात्मक जुड़ाव भी रहा है। फिल्म Kedarnath की शूटिंग के दौरान उनका इस धाम से गहरा रिश्ता बना था, जिसके बाद से वे हर साल यहां दर्शन के लिए पहुंचती रही हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि निजी आस्था और अनुभव का हिस्सा बन चुका है।
इस बीच सारा का एक पुराना बयान भी फिर चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी केदारनाथ यात्रा पूरी तरह निजी है और इसे किसी धार्मिक पहचान से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने खुद को भारतीय बताते हुए धर्म से ऊपर अपनी सोच रखने की बात कही थी।
अब नए नियमों के लागू होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सारा अली खान इस पर क्या रुख अपनाती हैं। फिलहाल उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा सिर्फ एक सेलिब्रिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक रूप से आस्था, नियम और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन की बहस को भी सामने ला रहा है।