अमेरिका में शराब की खपत में लगातार गिरावट देखी जा रही है और इसका सीधा असर रेस्टोरेंट और बार बिजनेस पर पड़ रहा है। हालिया सर्वे और रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब पहले के मुकाबले कम लोग शराब पी रहे हैं और जो पी भी रहे हैं, वे मात्रा घटा चुके हैं। यह बदलाव सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
Gallup के 2025 सर्वे के अनुसार, अमेरिका में अब केवल 54% लोग ही शराब पीने की बात स्वीकार करते हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। वहीं 31% रेस्टोरेंट ऑपरेटर्स ने शराब की बिक्री में गिरावट की पुष्टि की है, जिससे उनके बिजनेस मॉडल पर सीधा असर पड़ा है।
रेस्टोरेंट मालिकों के अनुभव भी इस बदलाव को साफ दिखाते हैं। पहले जहां कमाई का बड़ा हिस्सा शराब से आता था, अब वही अनुपात उलट गया है। कई जगहों पर 60% तक रेवेन्यू शराब से आता था, जो अब घटकर 30% के आसपास रह गया है। यानी खाने की बिक्री अब शराब से ज्यादा कमाई का जरिया बन चुकी है।
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण नई पीढ़ी की बदलती आदतें हैं। मिलेनियल्स, जो पहले शराब के बड़े उपभोक्ता माने जाते थे, अब स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं। वहीं जेन-जी युवाओं ने तो शराब से लगभग दूरी बना ली है। वे रेस्टोरेंट में अक्सर सिर्फ एक ड्रिंक लेकर सोशल मीडिया के लिए फोटो लेने तक सीमित रहते हैं।
इसके अलावा सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता भी एक बड़ी वजह है। हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स में शराब की हल्की मात्रा को भी कैंसर के खतरे से जोड़ा गया है, जिससे लोगों का रुख बदल रहा है। साथ ही, GLP-1 जैसी दवाओं के इस्तेमाल से भी शराब की इच्छा कम होने की बात सामने आई है।
महंगाई ने भी इस ट्रेंड को तेज किया है। पहले जो ड्रिंक 8 डॉलर में मिलती थी, उसकी कीमत अब 20 डॉलर तक पहुंच गई है। ऐसे में खासकर युवा वर्ग के लिए शराब पर खर्च करना मुश्किल हो गया है। बढ़ती बेरोजगारी और सीमित बजट भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर, अमेरिका में शराब की घटती खपत सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है। अब लोग हेल्दी लाइफस्टाइल, बचत और वैकल्पिक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका असर आने वाले समय में और गहरा हो सकता है।