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सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: 3 दिन में चांदी ₹18,000 से ज्यादा सस्ती, निवेशकों में सतर्कता

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वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी के बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे यह करीब ₹18,138 तक सस्ती होकर ₹2.50 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। वहीं सोने के दाम भी फिसलते हुए 10 ग्राम के लिए करीब ₹1.55 लाख तक आ गए हैं।

India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोने में भी नरमी का रुख बना हुआ है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब आमतौर पर वैश्विक तनाव के दौरान सोना-चांदी सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूत होते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर उलट दिखाई दे रही है।

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण निवेशकों का बदलता रुख माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते निवेशक जोखिम से बचते हुए कीमती धातुओं को बेचकर नकदी यानी ‘कैश’ में रहना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। इसके अलावा जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दामों के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली भी शुरू कर दी, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं।

अगर पिछले कुछ महीनों का ट्रेंड देखें तो सोना अपने ऑल टाइम हाई ₹1.76 लाख (जनवरी 2026) से अब तक ₹20,000 से ज्यादा सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तेज रही है, जो ₹3.86 लाख प्रति किलो के शिखर से गिरकर ₹2.50 लाख के करीब पहुंच गई है। यानी चांदी में करीब ₹1.35 लाख तक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख भी सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहा है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोना-चांदी जैसे एसेट्स से दूरी बनाकर अन्य विकल्पों की ओर झुकते हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और आगे भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में निवेश करने से बचने की सलाह दी जा रही है।

अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें और कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जांच लें। वहीं चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच भी जरूरी है, ताकि आपको सही निवेश मिल सके।

कुल मिलाकर, सोना-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए एक संकेत है कि बाजार फिलहाल अस्थिर है और समझदारी से कदम उठाना ही बेहतर विकल्प होगा।

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