नवरात्र के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट ने निवेशकों को झटका दे दिया। गुरुवार को बाजार में ऐसी बिकवाली देखने को मिली कि तीन दिन की लगातार तेजी पर ब्रेक लग गया। दिन के अंत में सेंसेक्स करीब 2497 अंक गिरकर 74,207 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 775 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 23,002 पर आ गया। यह गिरावट 3% से ज्यादा रही, जिसने बाजार में डर और अनिश्चितता दोनों बढ़ा दिए।
बाजार का हाल ऐसा रहा कि हर सेक्टर लाल निशान में बंद हुआ। खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में जोरदार दबाव देखने को मिला, जहां करीब 3% तक की गिरावट दर्ज की गई। HDFC Bank में तेज बिकवाली ने बाजार को और नीचे धकेल दिया। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी करीब 2% तक टूट गए, जिससे साफ हो गया कि गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में फैली हुई थी।
मार्केट ब्रेड्थ भी बेहद कमजोर रही। करीब 3000 से ज्यादा शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल 900 के आसपास शेयरों में ही तेजी देखने को मिली। यह संकेत देता है कि निवेशकों ने लगभग हर सेक्टर में बिकवाली की।
इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे। सबसे बड़ा झटका कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से लगा। ब्रेंट क्रूड 10% से ज्यादा बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है। महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है और कंपनियों की लागत पर असर डालता है।
दूसरी बड़ी वजह वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत रहे। एशियाई बाजारों में जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के इंडेक्स गिरावट में रहे, जबकि अमेरिकी बाजार भी एक दिन पहले दबाव में बंद हुए थे। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की हालत बिगाड़ दी। एफआईआई ने एक बार फिर 2700 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। वहीं, इंडिया VIX यानी ‘डर का इंडेक्स’ 24% उछलकर 23 के पार पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख भी बाजार पर भारी पड़ा। ब्याज दरों को लेकर सख्ती और महंगाई को लेकर चिंता ने उभरते बाजारों में निवेश को कम आकर्षक बना दिया है। इसके साथ ही HDFC बैंक के चेयरमैन के इस्तीफे के बाद उसके शेयरों में आई तेज गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
तकनीकी नजरिए से देखें तो बाजार में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। अगर निफ्टी 23,111 के नीचे बना रहता है तो गिरावट और गहरी हो सकती है, जबकि 23,450 के ऊपर टिकना मजबूती का संकेत माना जाएगा।
कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल दबाव में है और निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय है, क्योंकि वैश्विक और घरेलू दोनों ही फैक्टर अभी बाजार के खिलाफ नजर आ रहे हैं।