छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में साल 2021 में हुई एक सनसनीखेज हत्या का राज आखिरकार तीन साल बाद खुलता नजर आ रहा है। जिस व्यक्ति पर एक परिवार ने अपने घरेलू विवाद को सुलझाने का भरोसा किया, उसी ने लालच और साजिश के चलते महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और लाखों की लूट को अंजाम दिया। अब इस मामले का मुख्य आरोपी Ahmedabad में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।
यह पूरा मामला टिकरापारा इलाके का है, जहां अक्टूबर 2021 में शकुंतला देवी नाम की महिला का शव उनके ही घर में संदिग्ध हालात में मिला था। शुरुआती जांच में मामला उलझा रहा और लंबे समय तक यह एक ब्लाइंड केस बना रहा। लेकिन अब गुजरात क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड के आरोपी अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है, जो कि एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि शकुंतला देवी का अपने बड़े बेटे के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए उन्होंने और उनके छोटे बेटे ने आरोपी अजय कुमार से संपर्क किया। भरोसा इतना था कि सेटलमेंट के नाम पर आरोपी को करीब 4 लाख रुपये भी दे दिए गए। लेकिन यही भरोसा उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।
पैसे लेने के बाद आरोपी फरार हो गया। जब महिला उसे ढूंढते हुए उसके गांव तक पहुंची, तो उसने बदला लेने और लूट की साजिश रच डाली। अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ वह दोबारा रायपुर आया और महिला के घर में ही ठहर गया। मौका मिलते ही दोनों ने मिलकर महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने घर से करीब 10 लाख रुपये नकद और 30-35 तोला सोना लूट लिया। बाद में इस सोने को Uttar Pradesh के कौशांबी में एक सराफा कारोबारी को बेच दिया गया। वारदात के बाद आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मोबाइल, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया और लगातार ठिकाने बदलता रहा—पहले गोवा, फिर अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों में छिपता रहा।
इस बीच रायपुर पुलिस इस केस की जांच में जुटी रही, लेकिन लंबे समय तक आरोपी तक पहुंच नहीं बन सकी। टिकरापारा थाने में दर्ज इस मामले में कई पुलिस अधिकारी बदले, लेकिन केस फाइल ठंडी पड़ गई थी। केवल एक संदिग्ध का जिक्र जरूर था, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा था।
अब अहमदाबाद पुलिस की कार्रवाई के बाद इस केस में नई जान आ गई है। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस की टीम अहमदाबाद रवाना हो चुकी है। आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जाएगा, जिससे इस हत्याकांड और लूट की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे के साथ किया गया घातक विश्वासघात है। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और आरोपी के आपराधिक इतिहास की गहराई से पड़ताल कर रही हैं, ताकि इस केस से जुड़े हर पहलू को उजागर किया जा सके।