इस डिश की सबसे खास बात है इसका स्मोकी फ्लेवर, जो सीधे गैस पर बैंगन भूनने से आता है। सबसे पहले एक बड़े बैंगन को अच्छी तरह धोकर उस पर हल्का सा तेल लगा लें और फिर उसे धीमी आंच पर सीधे गैस पर भूनें। जब उसका छिलका पूरी तरह काला हो जाए और अंदर का हिस्सा नरम हो जाए, तो समझिए आपका बैंगन तैयार है। इसे ठंडा करके छिलका हटा लें और अच्छे से मैश कर लें।
अब असली खेल शुरू होता है मसालों का। एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें और उसमें कुचला हुआ लहसुन, कद्दूकस किया अदरक और कटी हुई हरी मिर्च डालकर भूनें। जैसे ही खुशबू आने लगे, उसमें बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक पकाएं। इसके बाद टमाटर डालें और उसे तब तक गलने दें जब तक वह पूरी तरह मसाले में मिल न जाए।
अब हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर मसाले को अच्छे से पकाएं। ध्यान रखें कि मसाले को तब तक भूनें जब तक तेल ऊपर तैरता नजर न आए—यही वो स्टेप है जो भरते में ढाबा वाला गहरा स्वाद लाता है। इसके बाद मैश किया हुआ बैंगन इसमें डालकर अच्छे से मिलाएं और धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक पकने दें, ताकि सारे फ्लेवर एक-दूसरे में पूरी तरह घुल जाएं।
आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं और चाहें तो थोड़ा सा कच्चा सरसों का तेल डालकर इसका स्वाद और भी बढ़ा सकते हैं। गरमा-गरम रोटी या पराठे के साथ जब यह भरता परोसा जाता है, तो हर कौर में देसी स्वाद का असली मजा आता है।
सीधी सी बात है—अगर तरीका सही हो, तो घर का खाना भी ढाबे को टक्कर दे सकता है।