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छत्तीसगढ़ में खेलों का महाकुंभ—नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026 से आदिवासी प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय मंच

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छत्तीसगढ़ आज एक ऐतिहासिक खेल यात्रा की शुरुआत का गवाह बन रहा है, जहां ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य आगाज़ हो चुका है। राजधानी रायपुर में देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए खिलाड़ी जुट चुके हैं, जो आने वाले दिनों में अपनी प्रतिभा का दम दिखाने वाले हैं। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी इस आयोजन को और भी खास बना रही है। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल तक चलेगी और इसमें सात अलग-अलग खेलों में मुकाबले होंगे, जो खेल प्रेमियों के लिए एक शानदार अनुभव लेकर आएंगे।

पहले दिन से ही प्रतियोगिता का रोमांच अपने चरम पर है। रायपुर के इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में सुबह 9 बजे से तैराकी स्पर्धाओं की शुरुआत हो चुकी है, जहां पुरुष और महिला वर्ग में 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ी अपनी क्षमता दिखा रहे हैं। शाम होते-होते इन स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले खेल भावना को और ऊंचाई देंगे। वहीं वेटलिफ्टिंग में तकनीकी तैयारियों का दौर चल रहा है, जबकि हॉकी के लिए टीम मैनेजर्स की रणनीतिक बैठक आयोजित की गई है।

महिला फुटबॉल में भी पहले दिन से ही मुकाबले शुरू हो गए हैं। तमिलनाडु और गुजरात के बीच सुबह का मुकाबला जहां जोश से भरपूर रहा, वहीं दोपहर में सिक्किम बनाम झारखंड, आंध्र प्रदेश बनाम छत्तीसगढ़ और असम बनाम अरुणाचल प्रदेश के बीच मुकाबले खेलों की प्रतिस्पर्धा को और तेज कर रहे हैं। इन मैचों में केवल जीत ही नहीं, बल्कि सम्मान और पहचान की लड़ाई भी साफ दिखाई दे रही है।

इस आयोजन की खास बात यह है कि इसे सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रखा गया है। अंबिकापुर में कुश्ती और मलखंब, जबकि जगदलपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इससे पूरे छत्तीसगढ़ में खेलों का माहौल बनेगा और विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर मिलेगा। स्वागत के दौरान विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का पारंपरिक नृत्य और पुष्प भेंट से स्वागत किया गया, जिसने इस आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी घोल दिया।

छत्तीसगढ़ की ओर से करीब 180 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं, जिनके लिए यह मंच केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर है। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन में नई ऊर्जा आएगी।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस आयोजन को आदिवासी युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाना है, जिन्हें अब तक पर्याप्त मंच नहीं मिल पाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विजन के तहत खेलों को नई दिशा दी जा रही है, जिसमें जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इससे पहले 23 दिसंबर को बिलासपुर में इस आयोजन का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था, जिसने पहले ही इस प्रतियोगिता को लेकर उत्साह पैदा कर दिया था। अब जब खेल शुरू हो चुके हैं, तो यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गया है।

कुल मिलाकर ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026’ छत्तीसगढ़ के लिए एक नई पहचान गढ़ने का अवसर है, जहां खेल, संस्कृति और प्रतिभा का संगम देश को एक नई दिशा दिखा रहा है।

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