भारत ने आगामी बैडमिंटन के सबसे प्रतिष्ठित टीम टूर्नामेंट्स थॉमस कप और उबर कप के लिए अपनी पुरुष और महिला टीमों का ऐलान कर दिया है। इस बार भारतीय चुनौती की कमान पुरुष वर्ग में लक्ष्य सेन और महिला वर्ग में पीवी सिंधू के हाथों में होगी, जिससे फैंस की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।
ऑल इंग्लैंड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता रहे लक्ष्य सेन अब थॉमस कप में टीम इंडिया को आगे ले जाने के लिए तैयार हैं। खास बात यह है कि 2022 में इतिहास रचकर खिताब जीतने वाली टीम के कई अनुभवी खिलाड़ियों को इस बार भी बरकरार रखा गया है। किदांबी श्रीकांत, एच.एस. प्रणय और दमदार युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी–चिराग शेट्टी टीम को मजबूती देते नजर आएंगे। वहीं, युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी को पहली बार मौका मिला है, जो टीम में नई ऊर्जा भर सकते हैं।
पुरुष टीम में अनुभव और युवा जोश का संतुलन साफ नजर आता है। एम.आर. अर्जुन की वापसी और ध्रुव कपिला की मौजूदगी युगल मुकाबलों में भारत की ताकत को और बढ़ाती है, जबकि किरण जॉर्ज जैसे खिलाड़ी एकल में बैकअप के तौर पर टीम को मजबूती देंगे।
वहीं महिला टीम में पीवी सिंधू के नेतृत्व में भारत एक बार फिर मजबूत दावेदारी पेश करेगा। 2019 की विश्व चैंपियन सिंधू के साथ उभरती स्टार उन्नति हुड्डा टीम की नई उम्मीद बनकर सामने आई हैं। युगल में गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की जोड़ी भारत के लिए अहम भूमिका निभाएगी।
महिला टीम में युवा प्रतिभाओं की भरमार है। तन्वी शर्मा, देविका सिहाग और इशरानी बरुआ जैसे खिलाड़ी भविष्य की स्टार माने जा रहे हैं और इस बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका पाएंगे। पिछली बार भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी, ऐसे में इस बार उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
कुल मिलाकर भारत की दोनों टीमें संतुलित और मजबूत नजर आ रही हैं, जहां अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लक्ष्य सेन की अगुआई में पुरुष टीम अपना खिताब बचा पाएगी और क्या पीवी सिंधू के नेतृत्व में महिला टीम इतिहास रच पाएगी।