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दिल्ली का ‘ग्रीन मोबिलिटी ब्लूप्रिंट’—DURGA ई-ऑटो से EV बसों तक, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बड़ा बदलाव

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दिल्ली के नए बजट में ट्रांसपोर्ट और ऑटो सेक्टर को लेकर एक बड़ा विजन सामने आया है, जहां राजधानी को प्रदूषण-मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8,374 करोड़ रुपये का बजट देकर साफ संकेत दिया है कि आने वाले समय में दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दबदबा बढ़ने वाला है।

इस बजट का सबसे खास आकर्षण ‘DURGA’ योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत पहले चरण में 1,000 महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ई-ऑटो के परमिट दिए जाएंगे। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना सिर्फ रोजगार ही नहीं देगी, बल्कि ग्रीन ट्रांसपोर्ट को भी बढ़ावा देगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 के तहत 200 करोड़ रुपये का फंड तय किया है। इसके जरिए नई ईवी खरीदने पर सब्सिडी और पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा। साथ ही, ‘पीएम ई-ड्राइव’ पहल के तहत हजारों नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। लक्ष्य है कि 2027 तक 7,500 बसें और 2029 तक 12,000 बसें चलें, जिनमें बड़ी संख्या ई-बसों की होगी।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुलभ बनाने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त सफर की सुविधा को जारी रखा गया है। इसके लिए 450 करोड़ रुपये का अलग बजट रखा गया है, जिससे यह योजना बिना किसी बाधा के चलती रहे।

ट्रैफिक और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए ‘DUMTA’ (दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) का गठन किया जा रहा है, जो मेट्रो, बस और अन्य ट्रांसपोर्ट सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा। वहीं, सड़कों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 50 हजार नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के लिए स्मार्ट LED लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।

वाहनों की फिटनेस और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशनों का विस्तार भी कर रही है। पहले से बने केंद्रों के अलावा अब पांच नए आधुनिक टेस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों की जांच प्रक्रिया और पारदर्शी और सुरक्षित हो सके।

इस बजट में ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ‘महिला समृद्धि योजना’ के तहत हर महीने 2,500 रुपये की सहायता, त्योहारों पर मुफ्त LPG सिलेंडर और ‘लखपति बिटिया योजना’ जैसे कदम समाज के विभिन्न वर्गों को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए हैं।

कुल मिलाकर, दिल्ली का यह बजट सिर्फ योजनाओं का ऐलान नहीं, बल्कि एक साफ रोडमैप है—जहां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, महिला सशक्तिकरण और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए राजधानी को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

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