भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही करीब 2 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। लगातार दूसरे दिन आई इस तेजी ने बाजार में फिर से पॉजिटिव माहौल बना दिया है और निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है।
दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने जोरदार रफ्तार पकड़ी और करीब 1383 अंकों की छलांग लगाते हुए 75,400 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 446 अंकों की बढ़त के साथ 23,300 के ऊपर ट्रेड करता नजर आया। हालांकि, अंतिम घंटों में थोड़ी मुनाफावसूली जरूर दिखी, लेकिन बाजार की मजबूती बरकरार रही।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड के दाम 4% से ज्यादा टूटकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गए, जिससे भारत जैसे आयातक देश के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी। इसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ा और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
दूसरी बड़ी वजह वैश्विक बाजारों से मिला पॉजिटिव संकेत रहा। एशियाई बाजारों में मजबूती और अमेरिका के बाजारों के अच्छे संकेतों ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। जापान, कोरिया और चीन के बाजारों में हरियाली का असर भारत में भी साफ नजर आया।
इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद ने भी बाजार को सहारा दिया। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे बढ़ने के संकेत से निवेशकों में राहत का माहौल बना, जिससे जोखिम लेने की भावना मजबूत हुई।
बैंकिंग सेक्टर ने भी इस तेजी में अहम भूमिका निभाई। खासतौर पर HDFC Bank के शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को ऊपर खींचने में बड़ा योगदान दिया।
हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मार्च महीने में अब तक बाजार करीब 7% तक गिर चुका है। ऐसे में यह तेजी फिलहाल राहत की सांस जरूर देती है, लेकिन आगे का रुख वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल उम्मीद और स्थिरता का माहौल बनता दिख रहा है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले दिनों में निवेशकों को और बेहतर रिटर्न देखने को मिल सकता है।