वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती का फैसला लिया गया है। इस कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर ₹3 और डीजल पर शून्य हो गई है, जिससे ईंधन कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
दरअसल, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते बाजार में घबराहट का माहौल था और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी थीं। ऐसे में सरकार का यह कदम कीमतों को नियंत्रित करने और आम लोगों को राहत देने के लिए अहम माना जा रहा है।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। एक्साइज ड्यूटी कम होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी रुक सकती है या कुछ मामलों में कमी भी देखने को मिल सकती है। यानी वाहन चालकों को रोजाना के खर्च में राहत मिलने की संभावना है।
इसके साथ ही सरकारी तेल कंपनियों—IOC, BPCL और HPCL—को भी राहत मिलेगी। पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद देश में कीमतें स्थिर रखी गई थीं, जिससे इन कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। अब एक्साइज ड्यूटी घटने से वे बिना कीमत बढ़ाए अपने घाटे को कुछ हद तक संतुलित कर सकेंगी।
यह फैसला इसलिए भी जरूरी हो गया था क्योंकि निजी कंपनियां धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाने लगी थीं। हाल ही में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे, जबकि जियो-बीपी जैसे कुछ खिलाड़ी अभी तक कीमतें स्थिर रखने की कोशिश कर रहे थे।
पिछले दिनों प्रीमियम पेट्रोल और थोक डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया था। ऐसे में सरकार की यह कटौती आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर लेकर आई है।
कुल मिलाकर, यह फैसला महंगाई के दौर में आम आदमी को सीधी राहत देने वाला है। अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो यह कदम कीमतों को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।