छत्तीसगढ़ में एक बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत सीनियर आईपीएस अधिकारी Ratanlal Dangi को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों और लंबित विभागीय जांच के आधार पर की गई है। राज्य के गृह (पुलिस) विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
इस मामले पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने भी कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की शिकायतों से सरकार की छवि प्रभावित होती है, इसलिए सख्त कार्रवाई जरूरी थी।
दरअसल, अक्टूबर 2025 में एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी ने डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। महिला का कहना है कि उसकी मुलाकात डांगी से 2017 में कोरबा में हुई थी, जब वे वहां एसपी के पद पर तैनात थे। शुरुआती बातचीत सोशल मीडिया से शुरू हुई, जो बाद में लगातार संपर्क में बदल गई।
शिकायत के अनुसार, बाद में जब डांगी अलग-अलग जिलों—दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर—में आईजी के पद पर रहे, तब कथित तौर पर उत्पीड़न का सिलसिला बढ़ता गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसे वीडियो कॉल के जरिए लगातार संपर्क में रहने के लिए मजबूर किया जाता था और न मानने पर उसके पति के ट्रांसफर की धमकी दी जाती थी।
महिला ने यह भी दावा किया है कि उसके पास इस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी डांगी को उनके पद से हटाया गया था, और अब निलंबन के बाद उनका मुख्यालय नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) तय किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया उनके आचरण को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और अनुशासन एवं अपील नियम 1969 के तहत संदिग्ध पाया गया है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
कुल मिलाकर, यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशील शिकायतों पर सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है। अब सबकी नजर जांच के अंतिम नतीजे पर टिकी है।