इस हफ्ते सोने और चांदी के बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया है। सोना करीब ₹4,276 तक सस्ता होकर ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है, जबकि चांदी में तो और बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। चांदी लगभग ₹10,717 टूटकर ₹2.21 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है।
कुछ ही दिन पहले तक जो सोना ₹1.47 लाख के आसपास ट्रेड कर रहा था, वह अब तेजी से नीचे आ गया है। इसी तरह चांदी भी ₹2.32 लाख से फिसलकर ₹2.21 लाख पर पहुंच चुकी है। यह गिरावट अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और निवेशकों के बदले रुख का बड़ा हाथ है।
दरअसल, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे हालात में निवेशक अपनी गोल्ड होल्डिंग्स बेचकर कैश यानी डॉलर इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि किसी भी बड़े आर्थिक झटके से खुद को सुरक्षित रख सकें। डॉलर की मांग बढ़ते ही सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बन गया और उनके दाम नीचे आ गए।
अगर पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 27 मार्च को सोना ₹1,42,942 और चांदी ₹2,21,647 पर पहुंच गई। वहीं 25 मार्च को सोना ₹1,46,205 और चांदी ₹2,34,814 थी। यानी कुछ ही दिनों में बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जो निवेशकों के लिए संकेत देता है कि अभी बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं है।
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम एक जैसे नहीं होते और इसके पीछे कई कारण काम करते हैं। ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा का खर्च, स्थानीय मांग, ज्वेलरी एसोसिएशनों का प्रभाव और ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक—ये सभी फैक्टर मिलकर अलग-अलग शहरों में कीमत तय करते हैं। यही वजह है कि कहीं सोना थोड़ा महंगा तो कहीं सस्ता नजर आता है।
अगर लंबी अवधि की बात करें, तो इस साल सोना और चांदी दोनों ने जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा है। 31 दिसंबर 2025 को सोना ₹1.33 लाख था, जो 29 जनवरी को बढ़कर ₹1.76 लाख के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया था। लेकिन वहां से अब तक सोना ₹33,000 से ज्यादा सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी ने तो और बड़ा झटका दिया है—₹3.86 लाख के अपने रिकॉर्ड हाई से गिरकर अब ₹2.21 लाख तक आ गई है, यानी करीब ₹1.64 लाख की गिरावट।
ऐसे उतार-चढ़ाव वाले बाजार में खरीदारों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही लेना चाहिए, ताकि उसकी शुद्धता पर कोई सवाल न उठे। साथ ही, खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमत जरूर जांच लें, क्योंकि कैरेट के हिसाब से सोने का रेट बदलता रहता है।
चांदी खरीदने वालों के लिए भी कुछ आसान टेस्ट हैं, जिनसे असली और नकली की पहचान की जा सकती है। जैसे असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है और उसमें किसी तरह की गंध नहीं होती। ऐसे छोटे-छोटे टेस्ट आपको ठगी से बचा सकते हैं।
कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट उन लोगों के लिए मौका भी हो सकती है, जो सही समय पर निवेश करना चाहते हैं। लेकिन बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए हर कदम सोच-समझकर उठाना ही समझदारी होगी।