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“रायपुर में ऑनलाइन ठगी का बड़ा मामला: बिजली कर्मचारी बनकर 1.64 लाख उड़ाए”

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राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नर्सिंग ऑफिसर को बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर जालसाजों ने अपना शिकार बना लिया। महज 13 रुपये के वेरिफिकेशन के बहाने शुरू हुई यह ठगी कुछ ही मिनटों में 1.64 लाख रुपये तक पहुंच गई।

मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है, जहां एम्स रायपुर में कार्यरत हरकेश सिंह यादव को निशाना बनाया गया। उन्होंने हाल ही में अपने नए मकान के लिए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और घर में मीटर भी लग चुका था। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उनसे संपर्क किया।

मीटर लगने के अगले ही दिन उन्हें व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके नए मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है। भरोसा जीतने के लिए ठग ने मीटर का असली BP नंबर तक बता दिया, जिससे पीड़ित को शक नहीं हुआ।

इसके बाद जालसाज ने व्हाट्सएप के जरिए एक APK फाइल भेजी और उसे इंस्टॉल करने को कहा। जैसे ही हरकेश ने फाइल डाउनलोड कर अपनी जानकारी भरी, ठगों को उनके फोन और बैंक डिटेल्स तक पहुंच मिल गई। इसके बाद उनसे 13 रुपये की फीस जमा करने को कहा गया।

जैसे ही उन्होंने अपने HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड की जानकारी डालकर पेमेंट किया, तुरंत उनके खाते से लगातार ट्रांजेक्शन होने लगे। कुछ ही समय में 1.64 लाख रुपये उनके अकाउंट से निकल गए।

पुलिस के मुताबिक, ठगों ने यह रकम अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांसफर की, जिसमें ब्लिंकिट और एप्पल कंपनी के अकाउंट शामिल हैं। पीड़ित की शिकायत पर आमानाका पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि साइबर ठग अब बेहद प्रोफेशनल तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। खासतौर पर APK फाइल्स के जरिए मोबाइल का कंट्रोल हासिल करना उनके नए हथियार बनते जा रहे हैं।

ऐसे मामलों में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से बचें, खासकर जब वह बैंकिंग या वेरिफिकेशन से जुड़ी हो। साथ ही, किसी भी कॉल पर अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।

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