छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आज बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब Chaitanya Baghel और पूर्व आबकारी मंत्री Kawasi Lakhma ने ED की स्पेशल कोर्ट में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। इनके साथ 59 नए आरोपियों को भी अदालत में पेश किया गया, जिनमें 28 आबकारी अधिकारी शामिल हैं। इस तरह अब इस पूरे मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है।
जांच एजेंसी Enforcement Directorate पहले ही इस केस में फाइनल चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। शुरुआत में 23 आरोपी थे, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इसमें नए नाम जुड़ते गए और अब यह मामला और भी बड़ा रूप ले चुका है। खास बात यह है कि कई आरोपियों को बिना गिरफ्तारी के ही चार्जशीट में शामिल किया गया है, और कई ने अदालत में धारा 88 के तहत आवेदन भी दिया है।
इस मामले में हाल ही में जांच एजेंसियों की सक्रियता और तेज हुई है। कुछ दिन पहले Economic Offences Wing ने दो शराब कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके ट्रक जब्त किए थे। साथ ही कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल अब भी फरार हैं और एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं।
पूरा मामला करीब 3200 करोड़ रुपए के कथित घोटाले से जुड़ा है, जिसमें राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के गठजोड़ का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर एक सिंडिकेट के जरिए इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया। इसमें पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारी और कारोबारी शामिल बताए गए हैं।
घोटाले का तरीका भी बेहद सुनियोजित बताया जा रहा है। आरोप है कि डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी कमीशन लिया गया, शराब की कीमतों में हेरफेर किया गया और नकली होलोग्राम के जरिए अवैध शराब को सरकारी दुकानों से बेचा गया। इतना ही नहीं, सप्लाई एरिया में बदलाव कर भी अवैध वसूली की गई, जिससे करोड़ों रुपए का खेल सामने आया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए लाखों पेटी शराब की अवैध बिक्री की गई और सरकारी रिकॉर्ड से इसे छुपाने की कोशिश की गई। इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अदालत की अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर अब सभी की नजर टिकी हुई है।