अंतरिक्ष से आई नई तस्वीरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारी धरती कितनी खूबसूरत है। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्रियों ने करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर से पृथ्वी की अद्भुत तस्वीरें कैद की हैं, जो अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
इन तस्वीरों में धरती नीले रंग की चमकती हुई गेंद की तरह दिखाई दे रही है। कहीं इसका घुमावदार किनारा नजर आता है, तो कहीं पूरा ग्रह सफेद बादलों से ढका हुआ दिखता है। यह दृश्य न सिर्फ वैज्ञानिक रूप से अहम है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी इंसान को अपनी धरती से जुड़ाव का एहसास कराता है।
इस मिशन की खास बात यह है कि 1972 के बाद पहली बार इंसान चांद के इतने करीब जा रहा है। हालांकि इस बार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेंगे, बल्कि उसकी कक्षा का चक्कर लगाकर वापस लौट आएंगे। फिर भी यह मिशन भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1 अप्रैल को ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) रॉकेट के जरिए ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्री—तीन अमेरिकी और एक कनाडाई—चांद की ओर रवाना हुए थे। इस टीम में रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
मिशन के दौरान एक अहम चरण ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन’ था, जिसमें यान ने पृथ्वी की कक्षा छोड़कर चांद की दिशा में अपनी रफ्तार बढ़ाई। करीब 6 मिनट तक चले इस मैन्यूवर के बाद यान की स्पीड लगभग 34,000 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई।
आने वाले दिनों में मिशन और भी रोमांचक होने वाला है। जैसे-जैसे यान चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश करेगा, उसकी गति और दिशा बदलती जाएगी। अंतरिक्ष यात्री चांद को बेहद करीब से देख पाएंगे—इतना करीब कि वह उन्हें खिड़की से बास्केटबॉल जितना बड़ा नजर आएगा।
हालांकि, मिशन का एक चुनौतीपूर्ण पल भी होगा, जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा और करीब 50 मिनट तक पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा। इस ‘ब्लैकआउट’ के दौरान मिशन कंट्रोल को कोई सिग्नल नहीं मिलेगा।
इसके बाद चांद की ग्रेविटी का इस्तेमाल करते हुए यान वापस पृथ्वी की ओर लौटेगा। पूरा मिशन करीब 11 लाख किलोमीटर की यात्रा तय करेगा और 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग यानी ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा।
कुल मिलाकर, Artemis-2 सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में इंसान की वापसी का बड़ा कदम है। और 1.8 लाख किलोमीटर दूर से दिखी यह नीली धरती हमें याद दिलाती है कि ब्रह्मांड में हमारा घर कितना अनमोल है।
मून मिशन के दौरान ली गईं 5 तस्वीरें…




