स्टैंड-अप कॉमेडी की दुनिया में हाल ही में उठे सबसे बड़े विवादों में से एक पर आखिरकार समय रैना ने खुलकर बात की है। अपने शो India’s Got Latent को लेकर हुए विवाद के बाद लंबे समय तक चुप्पी साधे रखने वाले समय ने अब एक वीडियो के जरिए पूरी सच्चाई सामने रखी है। इस खुलासे ने न सिर्फ पुराने विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर बहस भी तेज कर दी है।
7 अप्रैल को यूट्यूब पर अपलोड किए गए ‘स्टिल अलाइव’ वीडियो में समय रैना ने उस विवादित एपिसोड की परतें खोलते हुए बताया कि जो आपत्तिजनक सवाल पूरे विवाद की जड़ बना, वह एक बार नहीं बल्कि कई बार दोहराया गया था। उन्होंने साफ कहा कि रणवीर अल्लाहबादिया ने वह सवाल करीब 8 बार पूछा था और इसके अलावा भी कई अनर्गल बातें की थीं।
समय ने अपने अंदाज में यह भी बताया कि जब उन्होंने एडिटिंग के दौरान पूरा फुटेज देखा, तो उन्हें खुद भी यह एहसास हुआ कि बातचीत की भाषा और सवालों का स्तर काफी नीचे चला गया था। उन्होंने माना कि उन्होंने बाकी हिस्सों को हटा दिया, लेकिन एक हिस्सा रहने दिया—जो बाद में पूरे विवाद का कारण बन गया। उनके इस बयान से यह साफ होता है कि कंटेंट एडिटिंग के दौरान हुई एक छोटी सी चूक किस तरह बड़े विवाद में बदल सकती है।
यह पूरा मामला साल 2025 में उस समय सामने आया था, जब शो के एक एपिसोड में रणवीर अल्लाहबादिया ने एक कंटेस्टेंट से बेहद आपत्तिजनक और असहज करने वाला सवाल पूछ लिया था। सवाल की प्रकृति ऐसी थी कि सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया।
विवाद इतना बढ़ा कि कई जगहों पर एफआईआर दर्ज हुईं और मामला National Commission for Women तक पहुंच गया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया और रणवीर को लिखित माफी देनी पड़ी। इसके बाद मामला कानूनी स्तर तक पहुंचा, जहां Supreme Court of India ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी, लेकिन उनकी टिप्पणी को “अश्लील” करार देते हुए कड़ी टिप्पणी भी की।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर समय रैना के शो पर पड़ा, जिसे विवाद के बाद बंद करना पड़ा। एक तेजी से लोकप्रिय हो रहा डिजिटल शो अचानक रुक गया, जिससे कंटेंट क्रिएशन और सेंसरशिप को लेकर नई बहस शुरू हो गई।
अब समय रैना के इस नए खुलासे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की जिम्मेदारी किसकी है—क्रिएटर की, गेस्ट की या एडिटर की? साथ ही यह भी साफ हो गया है कि ऑनलाइन एंटरटेनमेंट की दुनिया में एक छोटी सी गलती भी बड़े सामाजिक और कानूनी परिणाम ला सकती है।
फिलहाल, समय का यह बयान उस विवाद की नई परत खोलता है, जिसने पिछले साल इंटरनेट को झकझोर दिया था। अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद लोगों की सोच और प्रतिक्रिया किस दिशा में जाती है।